नवग्रह : Navgrah

नवग्रह मनुष्य-जीवन के हर पहलू को प्रभावित करते हैं। शास्त्रों में इन्हें जीव माना गया है। ये मात्र जड़ पिंड नहीं है। नवग्रह जीवंत देव-शक्तियाँ हैं। इन शक्तियों की पूजा व आह्वान का अपना प्रभाव है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार जीवन का कोई ऐसा क्षेत्र नहीं, जो इनसे अछूता हो। नव ग्रहों का काम पूर्वकृत कर्मों के अनुसार फल देना है।

सूर्य भगवान – Surya Dev

1. सूर्य देव

सूर्य देव नवग्रहों में प्रथम हैं। उनकी पूजा, मंत्र जप और उपाय करने से सभी बाधाएँ दूर हो जाती हैं। पढ़ें भगवान सूर्य संबंधी समस्त जानकारियाँ।

चंद्र देव – Chandra Dev

2. चंद्र देव

चंद्र देव मन और औषधियों के स्वामी हैं। इनका पूजन मनोबल बढ़ाकर हर तरह की सफलता देता है। पढ़ें चंद्र का मंत्र, कथा व उपाय आदि समस्त जानकारियाँ।

मंगल देव – Mangal Dev

3. मंगल देव

मंगल देव की पूजा की पुराणों में बड़ी महिमा बतायी गयी है। यह प्रसन्न होकर मनुष्य की हर प्रकार की इच्छा पूर्ण करते हैं।

बुध भगवान – Budh Bhagwan

4. बुध भगवान

बुध भगवान ग्रहों में विद्या-बुद्धि व व्यावहारिकता के स्वामी माने जाते हैं। उनकी उपासना जीवन को सुगम बनाती है। पढ़ें बुध देव संबंधी जानकारियाँ।

बृहस्पति देव – Brihaspati Dev

5. बृहस्पति देव

बृहस्पति देव बुद्धि और ज्ञान के स्वामी हैं। ये भक्तों पर प्रसन्न हो उन्हें सम्पत्ति व बुद्धि देते हैं और विपत्ति में रक्षा करते हैं।

शुक्र भगवान – Shukra Dev

6. शुक्र भगवान

शुक्र भगवान भक्तों को ऐश्वर्य और धन-धान्य देने वाले हैं। वे औषधियों, मन्त्रों व रसों के भी स्वामी हैं। इनकी सामर्थ्य अद्भुत है।

शनि देव – Shani Dev

7. शनि देव

शनि देव राजा को रंक और रंक को राजा बनाने की सामर्थ्य रखते हैं। पढ़ें शनि महाराज की शांति के उपाय, मंत्र तथा कथा आदि समस्त उपयोगी जानकारियाँ।

राहु ग्रह – Rahu Dev

8. राहु ग्रह

राहु ग्रह को कार्य-सिद्धि में बाधा पैदा करने वाला व दुर्घटनाओं का यह जनक माना जाता है। पढ़ें राहु की शांति का उपाय, मंत्र व अन्य जानकारियाँ।

केतु ग्रह – Ketu Dev

9. केतु ग्रह

केतु ग्रह अनिष्टकारी होने से व्यक्ति रोगी होता है। इसकी प्रतिकूलता से दाद-खाज व कुष्ठ जैसे रोग होते हैं। जानें केतु की शांति के उपाय।

ज्योतिष में अरुण, वरुण और यम अर्थात यूरेनस, नेप्च्यून और प्लूटो को ग्रह नहीं माना जाता है। वस्तुतः ज्योतिष और खगोल विज्ञान के अनुसार ग्रहों की परिभाषा भिन्न-भिन्न है। खगोल शास्त्र में ग्रह केवल आकाशीय पिण्ड हैं। वैदिक ज्योतिष में नवग्रह देवता हैं। इनके अपने यंत्र, मंत्र, दान और पूजा आदि होते हैं, जिनसे ये तुष्ट या प्रसन्न होते हैं। सभी नौ ग्रहों की शांति के लिए नवग्रह चालीसा पढ़ने का भी विधान है। यहाँ विस्तार से जानें नवग्रह संबंधी सभी जानकारियाँ हिंदी में और डाउनलोड करें नवग्रह फोटो और चित्र इत्यादि।

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