विवेकानंद जी के संग में – Talks with Swami Vivekananda
“विवेकानंद जी के संग में” पुस्तक स्वामी जी के शिष्य श्री शरच्चन्द्र चक्रवर्ती के साथ उनके संवादों का संग्रह है।
Read More“विवेकानंद जी के संग में” पुस्तक स्वामी जी के शिष्य श्री शरच्चन्द्र चक्रवर्ती के साथ उनके संवादों का संग्रह है।
Read Moreनवगोपाल बाबू के भवन में श्रीरामकृष्ण की मूर्ति की प्रतिष्ठा – स्वामीजी की दीनता – नवगोपाल बाबू की सपरिवार श्रीरामकृष्ण में भक्ति आदि।
Read Moreब्रह्म, ईश्वर, माया व जीव के स्वरूप – “अहं ब्रह्म” इस प्रकारज्ञान न होने पर मुक्ति नहीं होती – काम-कांचन-अवतार तत्त्व आदि।
Read Moreविषय – स्वामी जी में अद्भुत शक्ति का विकास – स्वामीजी के दर्शनके निमित्त कलकत्ते के अन्तर्गत बड़े बाजार के
Read Moreविषय – स्वामीजी के साथ शिष्य का प्रथम परिचय – ‘मिरर’ सम्पादकश्रीयुत नरेन्द्रनाथ सेन के साथ वार्तालाप – इंग्लैण्ड और
Read Moreचेतना का लक्षण – जीवन संग्राम में पटुता -धर्म अनुभूति का विषय – मनष्यजाति की जीवनीशक्ति- देश में रजोगुण का उद्दीपन कराने का प्रयोजन आदि।
Read Moreप्रातः स्मरण श्लोक जो व्यक्ति नित्य प्रातःकाल पढ़ता या कहता है उसका दिन सुखपूर्वक व्यतीत होता है। कहते हैं कि
Read Moreशिव अपराध क्षमापन स्तोत्र आदि शंकराचार्य की प्रसिद्ध रचना है। इसमें भगवान शिव से अपने अपराध या त्रुटि के लिए
Read Moreदारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र के रचयित्रा महर्षि वसिष्ठ हैं। भगवान शिव को समर्पित यह बड़ा ही चमत्कारी स्तोत्र है जो
Read Moreहनुमत पंचरत्न स्तोत्र आदि शंकराचार्य द्वारा रचित परम शक्तिसंपन्न स्तोत्र है। इसका पाठ बजरंगबली को तुष्ट व प्रसन्न करने वाला
Read More