कथा प्रवेश (पौलोम पर्व) – चतुर्थ अध्याय – Mahabharat Katha Pravesh
“कथा प्रवेश” नाम से ही स्पष्ट है कि यहाँ से महाभारत की कथा आरंभ होती है। अधिकांश पुराणों की तरह
Read More“कथा प्रवेश” नाम से ही स्पष्ट है कि यहाँ से महाभारत की कथा आरंभ होती है। अधिकांश पुराणों की तरह
Read Moreपौलोम पर्व वस्तुतः महाभारत के प्रथम पर्व आदिपर्व के अन्तर्गत आता है। यह आदि पर्व का चौथा उपपर्व है। इसमें
Read Moreपौष्य पर्व वस्तुतः महाभारत के प्रथम पर्व आदि पर्व का तीसरा उपपर्व है। इसमें मात्र एक अध्याय है, जिसमें भगवान
Read Moreपर्वसंग्रह पर्व महाभारत के प्रथम पर्व अर्थात् आदि पर्व का द्वितीय उपपर्व है। इस अध्याय में सर्वप्रथम कुरुक्षेत्र का वर्णन
Read Moreशबरी के बेर की कथा लोक-विख्यात है। उसी तरह शबरी की कहानी भी निराली है। यह कथा हृदय में भक्ति
Read Moreजटायु का चरित्र भक्तों में श्रेष्ठ है। कहते हैं कि इस कथा का श्रवण परा-भक्ति की अग्नि को हृदय में
Read Moreधर्मराज की आरती सभी पापों से मुक्ति दिलाने वाली है। विशेषतः कार्तिक मास में धर्मराज की कथा पढ़ने के बाद
Read Moreमहाभारत ग्रंथ का आरंभ अनुक्रमणिकापर्व से ही होता है। इसमें संपूर्ण महाभारत में आए सभी विषयों की संक्षिप्त विषयसूची सन्निहित
Read Moreशत्रुघ्न जी का चरित्र अत्यन्त विलक्षण है। ये मौन सेवाव्रती हैं। बचपन से श्रीभरतजी का अनुगमन तथा सेवा ही इनका
Read Moreलक्ष्मण जी शेषावतार थे। किसी भी अवस्था में भगवान श्रीराम का वियोग इन्हें सह्य नहीं था। इसलिये ये सदैव छाया
Read More