रामानुजाचार्य का जीवन परिचय
रामानुजाचार्य के पिता का नाम केशव भट्ट था। ये दक्षिण तेरुँकुदूर क्षेत्र में रहते थे। जब श्री रामानुजाचार्य की अवस्था
Read Moreरामानुजाचार्य के पिता का नाम केशव भट्ट था। ये दक्षिण तेरुँकुदूर क्षेत्र में रहते थे। जब श्री रामानुजाचार्य की अवस्था
Read Moreशंकचार्य के पिता श्री शिवगुरु को बहुत दिनों तक कोई संतान नहीं हुई। अतः उन्होंने अपनी पत्नी श्रीमती सुभद्रा जी
Read Moreशुकदेव जी भगवान् वेदव्यास के पुत्र थे। इनकी उत्पत्ति के सम्बन्ध में अनेक कथाएँ मिलती हैं। कहीं इन्हें व्यास की
Read Moreमहर्षि दधीचि का नाम लोक कल्याण के लिये आत्मत्याग करने वालों में बड़े ही आदर के साथ लिया जाता है।
Read Moreवाल्मीकि ऋषियों में श्रेष्ठ प्रथम कवि कहलाते हैं। महर्षि वाल्मीकि का पहले का नाम रत्नाकर था। इनका जन्म पवित्र ब्राह्मण
Read Moreनारद जी पहले गन्धर्व थे। एक बार ब्रह्मा जी की सभा में सभी देवता और गन्धर्व भगवन्नाम का संकीर्तन करने
Read Moreउशीनर महाराज त्याग और शरणागतवत्सलता के अनुपम आदर्श थे। उनके राज्य में प्रजा अत्यन्त सुखी तथा धन-धान्य से सम्पन्न थी।
Read Moreउत्तरा के जीवन चरित्र का महाभारत की कथा में सविस्तार वर्णन है। जब महाराज विराट ने यह सुना कि उनके
Read Moreद्रौपदी की उत्पत्ति यज्ञ-कुण्ड से हुई थी। ये महाराज द्रुपद की अयोनिजा कन्या थीं। इनका शरीर कृष्ण वर्ण के कमल
Read Moreकुंती महाभारत की कथा में एक प्रमुख पात्र हैं। हमारे यहाँ शास्त्रों में अहल्या, मन्दोदरी, तारा, कुंती और द्रौपदी–ये पाँचों
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