भुवनेश्वरी देवी – Bhuvneshwari Maa
भुवनेश्वरी देवी दश महाविद्याओं में पंचम हैं। भुवनेश्वरी मां भक्तों को अभय और सभी सिद्धियाँ प्रदान करती हैं। पढ़ें माँ से जुड़ी सभी जानकारियाँ।
Read Moreभुवनेश्वरी देवी दश महाविद्याओं में पंचम हैं। भुवनेश्वरी मां भक्तों को अभय और सभी सिद्धियाँ प्रदान करती हैं। पढ़ें माँ से जुड़ी सभी जानकारियाँ।
Read Moreषोडशी महाविद्या का दस महाविद्याओं में चौथा स्थान है। षोडशी देवी भोग और मोक्ष दोनों देने वाली हैं। श्री चक्र के रूप में इनकी उपासना होती है।
Read Moreछिन्नमस्ता देवी दस महाविद्याओं में तृतीय हैं। शत्रु-विजय, समूह-स्तंभन, राज्य व मोक्ष की प्राप्ति के लिये छिन्नमस्ता माता की उपासना अमोघ है।
Read Moreतारा देवी दस महाविद्याओं में द्वितीय हैं। शत्रुनाश, वाक्-शक्ति व भोग-मोक्ष की प्राप्ति के लिये तारा अथवा उग्रतारा की साधना की जाती है।
Read Moreकाली माता दस महाविद्याओं में प्रथम हैं। वे भक्तों को अनन्त सिद्धियाँ प्रदान करती हैं। पढ़ें मां काली की कथा, पूजा आदि समस्त जानकारियाँ।
Read Moreसूर्य देव नवग्रहों में प्रथम हैं। उनकी पूजा, मंत्र जप और उपाय करने से सभी बाधाएँ दूर हो जाती हैं। पढ़ें भगवान सूर्य संबंधी समस्त जानकारियाँ।
Read Moreकालरात्रि नवदुर्गा में माँ का नौवाँ स्वरूप हैं। नवरात्रि में इनकी पूजा ग्रह-बाधा दूर कर शांति देती है। पढ़ें कालरात्रि मंत्र व अन्य जानकारी।
Read Moreसिद्धिदात्री नवदुर्गा में माँ का नौवाँ रूप हैं। नवरात्रि में इनकी पूजा से सिद्धियाँ मिलती हैं। पढ़ें सिद्धिदात्री मंत्र तथा अन्य जानकारियाँ।
Read Moreमहागौरी नवदुर्गा में माँ का आठवाँ रूप हैं। नवरात्रि में इनकी पूजा से असंभव काम भी संभव होते हैं। पढ़ें महागौरी मंत्र व समस्त अन्य जानकारियाँ।
Read Moreकात्यायनी नवदुर्गा में माँ का छठा रूप हैं। नवरात्रि में इनकी पूजा से जन्मों के पाप नष्ट होते हैं। पढ़ें कात्यायनी माता से जुड़ी जानकारियाँ।
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