Author: सन्दीप शाह

धर्मस्वामी विवेकानंद

ज्ञानयोग पर चतुर्थ प्रवचन – स्वामी विवेकानंद

“ज्ञानयोग पर चतुर्थ प्रवचन” में स्वामी विवेकानंद ने अद्वैतवाद के अनुसार सत्य की कसौटी पर विचार किया है। अवश्य पढ़ें और मनन करें।

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धर्मस्वामी विवेकानंद

ज्ञानयोग पर तृतीय प्रवचन – स्वामी विवेकानंद

“ज्ञानयोग पर तृतीय प्रवचन” में स्वामी विवेकानंद त्याग का अर्थ समझाते हैं। साथ ही वे ज्ञानयोगी के लक्षणों पर चर्चा कर रहे हैं।

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धर्मस्वामी विवेकानंद

ज्ञानयोग पर द्वितीय प्रवचन – स्वामी विवेकानंद

“ज्ञानयोग पर द्वितीय प्रवचन” में विवेकानंद वेदांत के सिद्धांतों की व्याख्या कर रहे हैं। वे सिद्धांतों के तार्किक पक्ष की विवेचना करते हैं।

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धर्मस्वामी विवेकानंद

ज्ञानयोग पर प्रथम प्रवचन – स्वामी विवेकानंद

“ज्ञानयोग पर प्रथम प्रवचन” में विवेकानंद जी ज्ञान योग के आधारभूत तत्त्वों को समझाते हैं। साथ ही समझाते हैं कि यह अन्य योगों से कैसे भिन्न है।

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धर्मस्वामी विवेकानंद

ज्ञानयोग का परिचय – स्वामी विवेकानंद

“ज्ञानयोग का परिचय” नामक इस व्याख्यान में स्वामी विवेकानंद ज्ञान योग के मूलभूत तत्त्वों की व्याख्या कर रहे हैं।

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कविता

हथकड़ियाँ टूट चुकीं (26 जनवरी 1951)

“हथकड़िया टूट चुकी” स्व. श्री नवल सिंह भदौरिया की हिंदी रचित कविता है। इसमें सुंदर शब्दों में देशप्रेम और राष्ट्र-निर्माण भावना का वर्णन है।

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कविता

तुम जो भी गीत उजाले का गाओ कम है

“तुम जो भी गीत उजाले का गाओ कम है” स्व. श्री नवल सिंह भदौरिया की हिंदी कविता है। इसमें जीवन में सर्वत्र सकारात्मकता फैलाने का संदेश है।

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कविता

दीप जलाओ तो

“दीप जलाओ तो” स्व. श्री नवल सिंह भदौरिया ‘नवल’ द्वारा रचित हिंदी कविता है। यह कविता साथ मिलकर हर तरह के अंधेरे को मिटाने का आह्वान करती है।

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कविता

क्रान्तिकारी सुभाष (श्री सुभाष जयन्ती (23 जनवरी-1973)

“क्रान्तिकारी सुभाष” स्व. श्री नवल सिंह भदौरिया की हिंदी कविता है। यह महान क्रांतिकारी सुभाषचंद्र बोस को उनके जन्म-दिवस पर समर्पित की गयी है।

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कविता

हस्ती मेरे वतन की

“हस्ती मेरे वतन की” स्व. श्री नवल सिंह भदौरिया की हिंदी कविता है। इसमें देशप्रेम के रस में डुबाकर देश के मूल स्वरूप को दर्शाया गया है।

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हिंदी पथ
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