चित्रगुप्त जी की आरती
चित्रगुप्त जी की आरती भक्तों को नरक की पीड़ाओं और यातनाओं से मुक्ति दिलाती है तथा धन, यश और वंश
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चित्रगुप्त जी की आरती भक्तों को नरक की पीड़ाओं और यातनाओं से मुक्ति दिलाती है तथा धन, यश और वंश
Read Moreकुबेर जी की आरती को गाने से घर में सुख-सम्पति हमेशा बनी रहती हैI मान्यता है कि यदि कोई जातक
Read Moreसिद्धिविनायक आरती के श्रवण मात्र से भक्तों को जीवन में आने वाले सभी संघर्षों और समस्याओं से लड़ने की शक्ति
Read Moreकार्तिकेय आरती पढ़ने से भगवान शिव तथा माता पार्वती के पुत्र और गणेश जी के भाई भगवान कार्त्तिकेय की प्रसन्नता
Read Moreसत्यनारायण भगवान की आरती भक्तों के सभी कार्य सिद्ध करने वाली तथा उन्हें समस्त सुख प्रदान करने वाली मानी जाती
Read Moreमाणिक रत्न के अनेक नाम हैं। संस्कृत में इसे माणिक्य, पद्मराग, लोहित, शोणरत्न, रविरत्न, शोणोपल, कुरुविन्द, सौगन्धिक, वसुरत्न आदि अनेक
Read Moreउपसंहार अध्याय स्वामी विवेकानंद की पुस्तक भक्ति योग का अन्तिम अध्याय है। इसमें स्वामी जी बता रहे हैं कि प्रेम
Read More“प्रेममय भगवान स्वयं अपना प्रमाण हैं” नामक यह अध्याय स्वामी विवेकानन्द की प्रसिद्ध पुस्तक भक्ति योग से लिया गया है।
Read More“प्रेम त्रिकोणात्मक” नामक यह अध्याय स्वामी विवेकानंद की प्रसिद्ध किताब भक्तियोग से लिया गया है। इसमें स्वामी जी बता रहे
Read More“पराविद्या और पराभक्ति दोनों एक हैं” नामक यह अध्याय स्वामी विवेकानंद कृत भक्ति योग से लिया गया है। इसमें स्वामी
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