मुनि सुव्रतनाथ चालीसा – Bhagwan Muni Suvratnath Chalisa
मुनि सुव्रतनाथ चालीसा का बहुत महात्म्य माना गया है। जो चालीस दिन तक चालीस बार इसका पाठ करता है, उसका भवसागर से बेड़ा पार हो जाता है।
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मुनि सुव्रतनाथ चालीसा का बहुत महात्म्य माना गया है। जो चालीस दिन तक चालीस बार इसका पाठ करता है, उसका भवसागर से बेड़ा पार हो जाता है।
Read Moreमल्लिनाथ चालीसा का प्रत्येक शब्द शक्तिदायी और सजीव है। जो सच्चे दिल से इसका पाठ करता है, उसके लिए इस संसार में सब कुछ संभव हो जाता है।
Read Moreअरहनाथ चालीसा का प्रभाव अतुलनीय है। यह चालीसा वस्तुतः सभी कर्म-बंधनों को काटने वाली है। इसका पाठ करने से कुछ भी असंभव नहीं रहता है।
Read Moreकुंथुनाथ चालीसा का पाठ करने वाला सहसा ही स्वयंसिद्ध हो जाता है। इसे पढ़ने से जगत में कुछ भी अप्राप्य नहीं रहता, इसका पाठ ज्ञान देने वाला है।
Read Moreशांतिनाथ चालीसा का पाठ मोक्षदायक है। जो व्यक्ति श्रद्धाभाव से भगवान शांतिनाथ चालीसा का पाठ करता है, उसे सांसारिक वैभव
Read Moreधर्मनाथ चालीसा का नियमित पाठ चित्त को पवित्र तथा निष्पाप कर देता है। ऐसे ही चित्त में प्रभु-प्रसाद अवतरित होने की संभावना उत्पन्न होती है।
Read Moreअनंतनाथ चलीसा में नामानुरूप ही अनंत शक्ति विद्यमान है। इसे जो भी व्यक्ति भक्तिभाव से नियमित पढ़ता है, उसे अभीष्ट की प्राप्ति होती है।
Read More“हरिवंश पर्व” महाभारत का उन्नीसवा पर्व और आखिरी पर्व हैं। पढ़ें हरिवंश पर्व (खिलभाग) हिंदी अर्थ सहित और आनंद ले महाभारत कथा का।
Read More“स्वर्गारोहण पर्व” महाभारत का अठाहरवा पर्व है। इस पर्व में 5 अध्याय हैं। पढ़ें स्वर्गारोहण पर्व हिंदी अर्थ सहित और आनंद ले महाभारत कथा का।
Read More“महाप्रस्थानिक पर्व” महाभारत का सत्रहवा पर्व है। इस पर्व में 3 अध्याय हैं। पढ़ें महाप्रस्थानिक पर्व हिंदी अर्थ सहित और आनंद ले महाभारत कथा का।
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