स्वामी विवेकानंद के पत्र – कलकत्ते के एक व्यक्ति को लिखित (2 मई, 1895)
स्वामी विवेकानंद ने यह पत्र शिकागों से कलकत्ते के एक व्यक्ति को 2 मई, 1895 लिखा था। पढ़ें स्वामी विवेकानंद जी का यह पत्र हिंदी में।
Read Moreस्वामी विवेकानंद ने यह पत्र शिकागों से कलकत्ते के एक व्यक्ति को 2 मई, 1895 लिखा था। पढ़ें स्वामी विवेकानंद जी का यह पत्र हिंदी में।
Read Moreभक्ति की शक्ति, उसके साधनों तथा अन्य आवश्यकताओं पर सियालकोट में दिए गए इस भाषण में स्वामी विवेकानंद ने विस्तार से प्रकाश डाला है।
Read More“सर्वांग वेदान्त” नामक भाषण में स्वामी विवेकानंद ने वेदान्त या हिंदू धर्म की गहराइयों की विशद विवेचना की है। वेदांत को समझने के लिए ज़रूर पढ़ें।
Read More“अल्मोड़ा-अभिनन्दन का उत्तर” नामक इस भाषण में स्वामी विवेकानंद ने त्याग और वैराग्य के हिंदू आदर्शों का महत्त्व समझाया है।
Read More“वैदिक उपदेश : तात्त्विक और व्यावहारिक” नामक यह भाषण स्वामी विवेकानंद ने अल्मोड़ा में दिया। इसमें वे वैदिक उपदेशों की व्यावहारिकता दर्शाते हैं।
Read Moreस्वामी विवेकानंद ने यह पत्र आबू पर्वत से श्री लाला गोविन्द सहाय को अप्रैल, 1891 को लिखा था। पढ़ें विवेकानंद जी का यह पत्र हिंदी में।
Read Moreस्वामी विवेकानंद ने यह पत्र वराहनगर से श्री प्रमदादास मित्र को 10 मई, 1890 को लिखा था। पढ़ें विवेकानंद जी का यह पत्र हिंदी में।
Read Moreस्वामी विवेकानंद ने यह पत्र सैन फ़्रेंसिस्को से कुमारी मेरी हेल को 2 मार्च, 1900 लिखा था। पढ़ें विवेकानंद जी का यह पत्र हिंदी में।
Read Moreस्वामी विवेकानंद ने यह पत्र कैलिफोर्निया से स्वामी अखण्डानन्द को 21 फरवरी, 1900 लिखा था। पढ़ें स्वामी विवेकानंद जी का यह पत्र हिंदी में।
Read Moreस्वामी विवेकानंद ने यह पत्र पॅसाडेना से कुमारी मेरी हेल को 20 फरवरी, 1900 लिखा था। पढ़ें विवेकानंद जी का यह पत्र हिंदी में।
Read More