सूरह अल अलक़ हिंदी में – सूरह 96
शुरू अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है। पढ़ अपने रब के नाम से जिसने पैदा
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शुरू अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है। पढ़ अपने रब के नाम से जिसने पैदा
Read Moreशुरू अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है। क़सम है तीन की और जैतून की। और
Read Moreशुरू अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है। क्या हमने तुम्हारा सीना तुम्हारे लिए खोल नहीं
Read Moreशुरू अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है। क़सम है रोज़े रोशन (चढ़ते दिन) की। और
Read Moreशुरू अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है। क़सम है रात की जबकि वह छा जाए।
Read Moreशुरू अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है। क़सम है सूरज की और उसकी धूप चढ़ने
Read Moreशुरू अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है। नहीं, मैं क़मम खाता हूं इस शहर (मक्का)
Read Moreशुरू अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है। क़सम है फ़ज़् (उषाकाल) की। और दस रातों
Read Moreशुरू अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है। क्या तुम्हें उस छा जाने वाली की ख़बर
Read Moreशुरू अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है। अपने रब के नाम की पाकी बयान कर
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