महाभारत का आस्तीक पर्व – Mahabharat Astik Parv in Hindi
आस्तीक पर्व महाभारत के प्रथम पर्व आदिपर्व का पाँचवाँ उपपर्व है। इसमें 46 अध्याय और कुल 1108 श्लोक हैं। आस्तीक
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आस्तीक पर्व महाभारत के प्रथम पर्व आदिपर्व का पाँचवाँ उपपर्व है। इसमें 46 अध्याय और कुल 1108 श्लोक हैं। आस्तीक
Read More“रुरु और सर्प-यज्ञ की कथा” महाभारत के अन्तर्गत आदिपर्व के पौलोमपर्व में आती है। यह पौलोम पर्व का अन्तिम अध्याय
Read More“डुण्डुभ की आत्मकथा व अहिंसा का उपदेश” नामक यह कथा महाभारत में आदि पर्व के अन्तर्गत पौलोम पर्व में आती
Read More“डुण्डुभ की प्राण-रक्षा” अध्याय महाभारत के आदि पर्व में पौलोम पर्व के अन्तर्गत आता है। पिछली कथा में प्रमद्वरा के
Read Moreप्रमद्वरा का जीवित होना असंभव-सा प्रतीत होता था। पिछले अध्याय में प्रमद्वरा की साँप के काटने से मृत्यु हो चुकी
Read More“प्रमद्वरा को सर्पदंश” नामक यह कथा महाभारत का अष्टम अध्याय है। यह कथा आदिपर्व के अन्तर्गत पौलोम पर्व में आती
Read More“अग्नि के शाप का मोचन” नामक यह कथा महाभारत के आदिपर्व के अन्तर्गत पौलोमपर्व में आती है। यह महाभारत का
Read More“भृग का अग्निदेव को शाप” नामक यह कथा महाभारत के आदिपर्व के अन्तर्गत पौलोमपर्व में आती है। यह पौलोम पर्व
Read Moreराम रक्षा स्तोत्र अर्थ सहित हिंदी में पढ़ें। साथ ही यहाँ से आप राम रक्षा स्तोत्र हिंदी PDF भी download
Read Moreपुलोमा और अग्नि का संवाद महाभारत की आरंभिक कहानी है। यह कथा बड़ी ही रोचक है। यह आदि पर्व के
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