अजितनाथ चालीसा – Bhagwan Ajitnath Chalisa
अजितनाथ चालीसा सभी पाप-ताप से मुक्ति देने वाली है। जो भी श्रद्धा-भक्ति के साथ नित्य इस चालीसा का पाठ करता है, उसके रोग-शोक नष्ट हो जाते हैं।
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अजितनाथ चालीसा सभी पाप-ताप से मुक्ति देने वाली है। जो भी श्रद्धा-भक्ति के साथ नित्य इस चालीसा का पाठ करता है, उसके रोग-शोक नष्ट हो जाते हैं।
Read Moreआदिनाथ चालीसा शक्ति से परिपूर्ण है। चालीस दिनों तक नियमित तौर पर चालीस बार आदिनाथ चालीसा का पाठ मनोकामनाएँ पूर्ण करता है।
Read Moreपारसनाथ चालीसा का महात्म्य अनन्त है। चालीस दिनों तक पार्श्वनाथ चालीसा का पाठ ग़रीबी दूर कर देता है। निःसंतानों को संतान प्रदान करता है।
Read More“स्वामी विवेकानंद के पत्र – भाग 10” में पढ़ें स्वामी विवेकानंद जी के 40 पत्र हिंदी में। इनमें उनके ओजस्वी विचारों और गहन चिंतन का पता लगता है।
Read More“स्वामी विवेकानंद के पत्र – भाग 9” में पढ़ें स्वामी विवेकानंद जी के 47 पत्र हिंदी में। इनमें उनके ओजस्वी विचारों और गहन चिंतन का पता लगता है।
Read More“स्वामी विवेकानंद के पत्र – भाग 8” में पढ़ें स्वामी विवेकानंद जी के 30 पत्र हिंदी में। इनमें उनके ओजस्वी विचारों और गहन चिंतन का पता लगता है।
Read More“स्वामी विवेकानंद के पत्र – भाग 7” में पढ़ें स्वामी विवेकानंद जी के 44 पत्र हिंदी में। इनमें उनके ओजस्वी विचारों और गहन चिंतन का पता लगता है।
Read More“स्वामी विवेकानंद के पत्र – भाग 6” में पढ़ें स्वामी विवेकानंद जी के 34 पत्र हिंदी में। इनमें उनके ओजस्वी विचारों और गहन चिंतन का पता लगता है।
Read Moreस्वामी विवेकानंद ने यह पत्र बेलूड़ मठ से श्रीमती ओलि बुल को 14 जून, 1902 लिखा था। पढ़ें स्वामी विवेकानंद जी का यह पत्र हिंदी में।
Read Moreस्वामी विवेकानंद ने यह पत्र हावड़ा से कुमारी जोसेफिन मैक्लिऑड को 15 मई, 1902 लिखा था। पढ़ें विवेकानंद जी का यह पत्र हिंदी में।
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