ज्ञानयोग पर प्रथम प्रवचन – स्वामी विवेकानंद
“ज्ञानयोग पर प्रथम प्रवचन” में विवेकानंद जी ज्ञान योग के आधारभूत तत्त्वों को समझाते हैं। साथ ही समझाते हैं कि यह अन्य योगों से कैसे भिन्न है।
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“ज्ञानयोग पर प्रथम प्रवचन” में विवेकानंद जी ज्ञान योग के आधारभूत तत्त्वों को समझाते हैं। साथ ही समझाते हैं कि यह अन्य योगों से कैसे भिन्न है।
Read More“ज्ञानयोग का परिचय” नामक इस व्याख्यान में स्वामी विवेकानंद ज्ञान योग के मूलभूत तत्त्वों की व्याख्या कर रहे हैं।
Read Moreधर्म के भारतीय राष्ट्रीय जीवन में केंद्रत्व को बताता स्वामी विवेकानंद का पश्चिम से लौटने के बाद यह प्रथम भाषण है, जो कोलम्बो में दिया गया था।
Read Moreस्वामी विवेकानंद का शिकागो भाषण हिंदी में पढ़ें। यह व्याख्यान स्वामीजी ने शिकागो (अमेरिका) में 11 सितम्बर, 1893 ई० को दिया था।
Read Moreमानमदुरा-अभिनन्दन का उत्तर देते हुए स्वामी विवेकानंद ने दान पर बल दिया है। आध्यात्मिक दान विद्यादान, प्राण-दान व अन्न-दान से भी श्रेष्ठ है।
Read Moreरामेश्वरम मंदिर में दिए इस व्याख्यान में स्वामी विवेकानंद ने बताया है कि यथार्थ उपासना क्या है और इसके माध्यम से ईश्वर प्राप्त कैसे संभव है।
Read Moreस्वामी विवेकानंद का संपूर्ण साहित्य हिंदी में पढ़ें, डाउनलोड करें। यहाँ किताबें, पुस्तकें मुफ्त हैं।
Read Moreराज योग के छठे पाठ में स्वामी विवेकानंद कुंडलिनी जागरण में विभिन्न चक्रों की भूमिका को समझा रहे हैं।
Read Moreराज योग के इस पाठ में स्वामी विवेकानंद प्रत्याहार और धारणा की साधनाओं पर प्रकाश डाल रहे हैं।
Read Moreराज योग के इस चतुर्थ पाठ में स्वामी विवेकानंद ने मन को नियंत्रित करने के उपायों की चर्चा की है।
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