कृष्ण अष्टकम – Krishnashtakam
पढ़ें “कृष्ण अष्टकम” लिरिक्स भजे व्रजैकमण्डनं समस्तपापखण्डनंस्वभक्तचित्तरंजनं सदैव नन्दनन्दनम् ।सुपिच्छगुच्छमस्तकं सुनादवेणुहस्तकंअनंगरंगसागरं नमामि कृष्णनागरम् ॥ १ ॥ मनोजगर्वमोचनं विशाललोललोचनंविधूतगोपशोचनं नमामि पद्मलोचनम्
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