मंगल देव – Mangal Dev
मंगल देव की पूजा की पुराणों में बड़ी महिमा बतायी गयी है। यह प्रसन्न होकर मनुष्य की हर प्रकार की इच्छा पूर्ण करते हैं।
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मंगल देव की पूजा की पुराणों में बड़ी महिमा बतायी गयी है। यह प्रसन्न होकर मनुष्य की हर प्रकार की इच्छा पूर्ण करते हैं।
Read Moreचंद्र देव मन और औषधियों के स्वामी हैं। इनका पूजन मनोबल बढ़ाकर हर तरह की सफलता देता है। पढ़ें चंद्र का मंत्र, कथा व उपाय आदि समस्त जानकारियाँ।
Read Moreदश महाविद्या वस्तुतः आदि शक्ति के ही दस अलग-अलग स्वरूपों को कहते हैं। सविस्तार पढ़ें दस महाविद्या से जुड़ी समस्त जानकारियाँ।
Read Moreकमला देवी दश महाविद्याओं में दसवीं हैं। ये सभी भौतिक सम्पत्ति की अधिष्ठात्री देवी हैं। ऐसा कुछ नहीं, जो माँ की पूजा से प्राप्त न हो सके।
Read Moreमातंगी देवी दश महाविद्याओं में नौवीं हैं। विशेषतः वाक्-सिद्धि के लिए माँ की उपासना की जाती है।
Read Moreबगलामुखी माता 10 महाविद्याओं में आठवीं हैं। बगलामुखी देवी की साधना शत्रु भय से मुक्ति और वाक्-सिद्धि देने वाली है।
Read Moreधूमावती माता दस महाविद्याओं में सातवीं हैं। धूमावती माता की उपासना विपत्ति नाश, रोग-निवारण, युद्ध-जय, उच्चाटन तथा मारण आदि के लिये होती है।
Read Moreत्रिपुरभैरवी देवी दश महविद्याओं में षष्ठ हैं। मां त्रिपुरभैरवी की साधना का मुख्य उपयोग घोर कर्म में होता है।
Read Moreभुवनेश्वरी देवी दश महाविद्याओं में पंचम हैं। भुवनेश्वरी मां भक्तों को अभय और सभी सिद्धियाँ प्रदान करती हैं। पढ़ें माँ से जुड़ी सभी जानकारियाँ।
Read Moreषोडशी महाविद्या का दस महाविद्याओं में चौथा स्थान है। षोडशी देवी भोग और मोक्ष दोनों देने वाली हैं। श्री चक्र के रूप में इनकी उपासना होती है।
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