सूरह अल आदियात हिंदी में – सूरह 100

शुरू अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है।

क़सम है उन घोड़ों की जो हांपते हुए दौड़ते हैं। फिर टाप मारकर चिंगारी निकालने वाले। फिर सुबह के वक़्त छापा मारने वाले। फिर उसमें गुबार उड़ाने वाले। फिर उस वक़्त फ़ौज में घुस जाने वाले। बेशक इंसान अपने रब का नाशुक्र है। और वह खुद इस पर गवाह है। और वह माल की मुहब्बत में बहुत शदीद है। क्‍या वह उस वक़्त को नहीं जानता जब वह क़ब्रों से निकाला जाएगा। और निकाला जाएगा जो कुछ दिलों में है। बेशक उस दिन उनका रब उनसे ख़ूब बाख़बर होगा। (1-11)

सन्दीप शाह

सन्दीप शाह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं। वे तकनीक के माध्यम से हिंदी के प्रचार-प्रसार को लेकर कार्यरत हैं। बचपन से ही जिज्ञासु प्रकृति के रहे सन्दीप तकनीक के नए आयामों को समझने और उनके व्यावहारिक उपयोग को लेकर सदैव उत्सुक रहते हैं। हिंदीपथ के साथ जुड़कर वे तकनीक के माध्यम से हिंदी की उत्तम सामग्री को लोगों तक पहुँचाने के काम में लगे हुए हैं। संदीप का मानना है कि नए माध्यम ही हमें अपनी विरासत के प्रसार में सहायता पहुँचा सकते हैं।

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