चाणक्य नीति – Chanakya Niti In Hindi

पढ़ें चाणक्य नीति हिंदी में – Read Chanakya Neeti in Hindi

चाणक्य नीति हिंदी में आपके सम्मुख लाते हुए हमें बहुत हर्ष का अनुभव हो रहा है। यह आचार्य चाणक्य की महत्वपूर्ण रचनाओं में से एक है। वस्तुतः इस ग्रंथ को उनकी कूटनीति का सार-संचयन कहना अतिशयोक्ति न होगी। कहते हैं कि नीति का बोध ही धर्म का मूल है और धर्म से ही इहलोक और परलोक में सुख की प्राप्ति होती है। जो भी चाणक्य नीति का अध्ययन करेगा, निश्चय ही वह नीति शास्त्र में पारंगत हो जाएगा।

We are pleased to bring Chanakya Niti in Hindi in front of you all. It is one of the most prominent and popular books written by Acharya Chanakya. His other important and well-recognized work is Arthashastra, where he dwells in politics, power, and economy. Chanakya Niti PDF covers a wide range of topic and touches all spheres of life. It is believed that those who study Chanakya Neeti deeply achieve success in all walks of life.

चाणक्य नीति की विषय-सूची
Table Of Content Of Chanakya Niti PDF In Hindi

  1. पहला अध्याय
  2. दूसरा अध्याय
  3. तीसरा अध्याय
  4. चौथा अध्याय
  5. पाँचवाँ अध्याय
  6. छठा अध्याय
  7. सातवाँ अध्याय
  8. आठवाँ अध्याय
  9. नौवाँ अध्याय
  10. दसवाँ अध्याय
  11. ग्यारहवाँ अध्याय
  12. बारहवाँ अध्याय
  13. तेरहवाँ अध्याय
  14. चौदहवाँ अध्याय
  15. पन्द्रहवाँ अध्याय
  16. सोलहवाँ अध्याय
  17. सत्रहवाँ अध्याय

जैसे-जैसे अध्याय आपके लिए आते जाएंगे, ऊपर उनके लिंक लगते चले जाएंगे। यदि आप यह पुस्तक मुफ्त पीडीएफ डाउनलोड करना चाहते हैं, तो कृपया यहाँ क्लिक करें–

चाणक्य नीति हिंदी में मुफ्त पीडीएफ डाउनलोड करें
Free Download PDF of Chanakya Niti in Hindi

इस ग्रन्थ को लेकर विद्वानों में कुछ मतभेद भी हैं। कुछ का मानना है कि आचार्य चाणक्य इस ग्रंथ के रचयिता नहीं हैं, बल्कि उन्होंने नीति पर रचे गए अन्य प्राचीन शास्त्रों से इसका संकलन किया है। वहीं कुछ विद्वानों का कहना है कि नीति शास्त्र के एकाधिक लेखक हैं, जिनमें से एक कौटिल्य या चाणक्य भी हैं और पूरा ग्रंथ उन्होंने नहीं लिखा है। जो हो, आज-कल सर्व-साधारण में यही माना जाता है और अधिकांश विद्वानों का यही मत है कि इसकी रचना चाणक्य ने की थी। यह नीति शास्त्र वस्तुतः गागर में सागर की तरह है और इसका एक-एक श्लोक अपने आप में गहन शिक्षाओं को संजोए हुए है। हमें उम्मीद है कि हिंदीपथ.कॉम के इस प्रयास से आप अवश्य लाभान्वित होंगे।

आचार्य चाणक्य को कौटिल्य व विष्णु गुप्त के नाम से भी जाना जाता है। वे बहुआयामी प्रतिभा के धनी थे–वे एक ही साथ अध्यापक, दार्शनिक, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और कुशल लेखक भी थे। कौटिल्य प्रथम मौर्य सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के गुरु व मंत्री थे। चंद्रगुप्त को राजसिंहासन तक पहुँचाने में उनकी प्रमुख भूमिका है। चंद्रगुप्त के पुत्र बिंदुसार के भी वे मुख्य सलाहकार थे।

8 thoughts on “चाणक्य नीति – Chanakya Niti In Hindi

  • Pingback: चाणक्य नीति अध्याय-2 - हिंदी पथ

  • Pingback: चाणक्य नीति अध्याय-3 - हिंदी पथ

  • May 20, 2020 at 10:56 am
    Permalink

    इस पेज पर तीसरे अध्याय के बाद के एक भी पेज नहीं खुल रहे हैं मैं कुछ दिनों से प्रयास कर रहा हूँ.

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    • May 20, 2020 at 10:07 pm
      Permalink

      सचिन जी, हिंदी पथ पर चाणक्य नीति पढ़ने के लिए धन्यवाद। आपको चतुर्थ अध्याय के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ी, इसके लिए हमें खेद है। चाणक्य नीति का चौथा अध्याय आ चुका है, जिसे आप यहाँ पढ़ सकते हैं – चाणक्य नीति चतुर्थ अध्याय। अब प्रतिदिन आपको एक नया अध्याय यहाँ प्राप्त होगा। इसी तरह हमारा मार्गदर्शन करते रहें।

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  • June 14, 2020 at 5:58 pm
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    Veri Nice article

    Reply
  • June 20, 2020 at 9:20 pm
    Permalink

    Sir 5th part kb aayega

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    • June 22, 2020 at 2:24 pm
      Permalink

      सुमित जी, अगला अध्याय प्रकाशित हो चुका है। इसे यहाँ पढ़ा जा सकता है – चाणक्य नीति का पाँचवाँ अध्याय। यूँ ही हिंदी पथ पर चाणक्य नीति व अन्य हिन्दी किताबें पढ़ते रहें और अपनी राय से हमें अवगत कराते रहें।

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  • August 3, 2020 at 8:20 am
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    आप ने बाकी के अध्याय क्यों नहीं खोले है ?

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