आरती संग्रह – Aarti In Hindi

आरती संग्रह में आप पाएंगे सभी प्रमुख आरतियां। प्रत्येक आरती विश्वसनीय शास्त्रीय स्रोत से ली गयी है। हर पूजा के अंत में आरती गाने का विधान है।

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पैर न अब तक रुक पाये

“पैर न अब तक रुक पाये” स्व. श्री नवल सिंह भदौरिया की हिंदी कविता है। इसमें कवि आत्मविश्वास और हौसला बनाए रखने का आह्वान कर रहा है।

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शब्द गंगाजल चढ़ाता ही रहूँगा

“शब्द गंगाजल चढ़ाता ही रहूँगा” स्व. श्री नवल सिंह भदौरिया की हिंदी कविता है। इसमें कवि चिर गीत गाने का वादा कर रहा है।

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गीत गा लो अभी – स्व. श्री नवल सिंह भदौरिया

“गीत गा लो अभी” स्व. श्री नवल सिंह भदौरिया की हिंदी कविता है। इसमें कवि बता रहा है कि प्रत्येक पल को पूर्ण रूप से जीना चाहिए।

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मन बहल जायेगा

“मन बहल जायेगा” स्व. श्री नवल सिंह भदौरिया की हिंदी कविता है। कवि प्रिय का नैकट्य प्राप्त करने की आशा प्रदर्शित कर रहा है। पढ़े यह कविता।

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अरे बावरे – स्व. श्री नवल सिंह भदौरिया

“अरे बावरे” स्व. श्री नवल सिंह भदौरिया की हिंदी कविता है। इसमें कवि आशाओं के धूमिल होने पर एक तरह की विरक्ति का भाव दर्शा रहा है। पढ़े यह कविता

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तेरा द्वार नहीं मिल पाया

“तेरा द्वार नहीं मिल पाया” स्व. श्री नवल सिंह भदौरिया की हिंदी कविता है। कवि उस पथ को पाने की अधीरता व्यक्त कर रहा है, जो मंज़िल तक ले जा सके।

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