स्वामी विवेकानंद की “व्यावहारिक जीवन में वेदांत” हिंदी में: Swami Vivekananda’s “Practical Vedanta” in Hindi

“व्यावहारिक जीवन में वेदांत” आधुनिक युग में इस विषय पर लिखी गई बेहतरीन पुस्तकों में से एक है। वेदांत को शास्त्रों से निकालकर जनसामान्य तक ले जाने का श्रेय स्वामी विवेकानंद को दिया जा सकता है। स्वामी जी का मानना था कि वेदांत को प्रत्येक व्यक्ति द्वारा जीवन के हर पहलू में उपयोग में लाया जा सकता है। उनका यही चिंतन “व्यावहारिक वेदांत” के रूप में परिणत हुआ। दरअस्ल, स्वामी विवेकानंद ने वेदांत के व्यावहारिक उपयोग पर चार व्याख्यान दिए थे। ये व्याख्यान सन् 1896 में लंदन में दिए गए थे। इन्हीं व्याख्यानों का संकलन है उनकी यह प्रसिद्ध पुस्तक। यूँ तो यह पुस्तक छोटी-सी है, लेकिन इसमें वेदांत दर्शन की–विशेषतः अद्वैत सिद्धांत की–व्यावहारिकता पर चर्चा की गई है। मुझे यह पुस्तक साक्षात् उपनिषदों का निचोड़ लगती है। किस तरह जीवन को आध्यात्मिक, उदात्त और सफल बनाया जाए–यह जानना हो तो इस पुस्तक को एक बार ज़रूर पढ़ें।

We are happy to bring Swami Vivekananda’s “Practical Vedant” in Hindi for you. It is one of the best books written on Vedant in modern times. It can be said that Swami Vivekananda brought Vedanta out from ancient scriptures to common people. He believed and preached that the principles of Vedanta can be used by everyone in all spheres of life. This thought of his materialized in the form of this book called “Vyavharik Jeevan Mein Vedanta”. This book contains four of his lectures given in London during 1896. It teaches practical applicability of Vedant–especially, of Advaita philosophy–in life. This book can be called the essence of all Upanishads. I hope you are going to appreciate our effort to bring Practical Vedanta in Hindi.

स्वामी विवेकानंद कृत “व्यावहारिक जीवन में वेदांत” की विषय सूची
Hindi Table Of Content Of Swami Vivekananda’s Practical Vedanta

  1. व्यावहारिक जीवन में वेदांत – भाग १
  2. व्यावहारिक जीवन में वेदांत – भाग २
  3. व्यावहारिक जीवन में वेदांत – भाग ३
  4. व्यावहारिक जीवन में वेदांत – भाग ४

जैसा कि आप जानते ही हैं, हम स्वामी विवेकानंद की सभी किताबें इंटरनेट पर लाना चाहते हैं। इसी कड़ी में यह पुस्तक भी आपके सामने प्रस्तुत है। स्वामी जी का संपूर्ण साहित्य तेज और आध्यात्मिकता से पूर्ण है। सकल विश्व में इसके प्रचार-प्रसार की नितान्त आवश्यकता है। प्राचीन वैदिक साहित्य को समझना हो, तो विवेकानन्द को पढ़ना और समझना बहुत ज़रूरी है। धीरे-धीरे हिन्दीपथ.कॉम पर आपको वेद (संहिता, ब्राह्मण, आरण्यक तथा उपनिषद) भी हिंदी में पढ़ने को मिलेंगे। आपको हमारा यह प्रयास कैसा लगा, कृपया टिप्पणी करके अवश्य बताएँ।

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