सूरह नस्र की तिलावत – अल-नस्र (सूरह 110)

शुरू अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है।

जब अल्लाह की मदद आ जाए और फ़तह। और तुम देखो कि लोग खुदा के दीन में दाख़िल हो रहे हैं फ़ौज दर फ़ौज। तो अपने रब की तस्बीह (गुणगान) करो उसकी हम्द (प्रशंसा) के साथ और उससे बख््शिश (क्षमा) मांगो, बेशक वह माफ़ करने वाला है। (1-3)

सन्दीप शाह

सन्दीप शाह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं। वे तकनीक के माध्यम से हिंदी के प्रचार-प्रसार को लेकर कार्यरत हैं। बचपन से ही जिज्ञासु प्रकृति के रहे सन्दीप तकनीक के नए आयामों को समझने और उनके व्यावहारिक उपयोग को लेकर सदैव उत्सुक रहते हैं। हिंदीपथ के साथ जुड़कर वे तकनीक के माध्यम से हिंदी की उत्तम सामग्री को लोगों तक पहुँचाने के काम में लगे हुए हैं। संदीप का मानना है कि नए माध्यम ही हमें अपनी विरासत के प्रसार में सहायता पहुँचा सकते हैं।

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