लालची चोरों की कहानी – जातक कथा
लालची चोरों की कहानी” जातक कथाओं का भाग है। इसमें बताया गया है कि ग़लत तरीक़े से हासिल किया हुआ धन व्यक्ति का नाश करा देता है।
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Read Moreधूर्त बगुले और केकड़े की कहानी” जातक कथा की बहुत रोचक कहानी है। इससे शिक्षा मिलती है कि जैसी करनी, वैसी भरनी।
Read Moreमघ का मंत्र” नामक यह जातक कथा सिखाती है कि विपत्ति में भी धर्म से विमुख नहीं होना चाहिए। यहाँ धर्म का अर्थ कर्त्तव्य व सही काम से है।
Read More“हिरनी की प्राण-रक्षा” बहुत ही सुंदर जातक कथा है। इसमें बुद्ध बताते हैं कि पिछले जन्म में उन्होंने किस तरह मृगों की जान बचायी थी।
Read Moreस्वामी विवेकानंद ने यह पत्र अपने गुरुभाइयों को 1894 लिखा था। पढ़ें स्वामी विवेकानंद जी का यह पत्र हिंदी में।
Read Moreस्वामी विवेकानंद ने यह पत्र शिकागो से स्वामी रामकृष्णानन्द को 1894 लिखा था। पढ़ें स्वामी विवेकानंद जी का यह पत्र हिंदी में।
Read Moreस्वामी विवेकानंद ने यह पत्र अमेरिका से श्री सिंगारावेलू मुदलियार को 21 सितम्बर, 1894 लिखा था। पढ़ें स्वामी विवेकानंद का यह पत्र हिंदी में।
Read Moreस्वामी विवेकानंद ने यह पत्र अमेरिका से श्री आलासिंगा पेरुमल को 21 सितम्बर, 1894 लिखा था। पढ़ें स्वामी विवेकानंद का यह पत्र हिंदी में।
Read Moreस्वामी विवेकानंद ने यह पत्र बोस्टन से श्रीमती ओलि बुल को 19 सितम्बर, 1894 लिखा था। पढ़ें स्वामी विवेकानंद जी का यह पत्र हिंदी में।
Read Moreस्वामी विवेकानंद ने यह पत्र बोस्टन से कुमारी मेरी हेल को 13 सितम्बर, 1894 लिखा था। पढ़ें स्वामी विवेकानंद जी का यह पत्र हिंदी में।
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