वह धर्म जिसमें हम पैदा हुए – स्वामी विवेकानंद
“वह धर्म जिसमें हम पैदा हुए” व्याख्यान में स्वामी विवेकानंद हिंदू धर्म के मूल सिद्धांतो को समझाते हुए प्रत्येक के ऋषित्व पर ज़ोर दे रहे हैं।
Read Moreस्वामी विवेकानंद का संपूर्ण साहित्य
“वह धर्म जिसमें हम पैदा हुए” व्याख्यान में स्वामी विवेकानंद हिंदू धर्म के मूल सिद्धांतो को समझाते हुए प्रत्येक के ऋषित्व पर ज़ोर दे रहे हैं।
Read More“मैंने क्या सीखा” नामक यह भाषण स्वामी विवेकानंद द्वारा ढाका में मार्च १९०१ में दिया गया था। इसमें हिंदू धर्म के मूल सिद्धांतों की चर्चा है।
Read More“हमारा प्रस्तुत कार्य” नामक यह व्याख्यान स्वामी विवेकानंद ने मद्रास की साहित्य-समिति में दिया था। इसमें वेदान्त के तत्त्वों का सहज वर्णन है।
Read Moreस्वामी विवेकानंद ने यह पत्र लन्दन से कुमारी अल्बर्टा स्टारगीज को 3 दिसम्बर, 1896 लिखा था। पढ़ें विवेकानंद जी का यह पत्र हिंदी में।
Read Moreस्वामी विवेकानंद ने यह पत्र लन्दन से कुमारी मेरी तथा हैरियट हेल को 28 नवम्बर, 1896 लिखा था। पढ़ें स्वामी विवेकानंद जी का यह पत्र हिंदी में।
Read Moreस्वामी विवेकानंद ने यह पत्र लन्दन से श्री लाला बद्री शाह को 21 नवम्बर, 1896 लिखा था। पढ़ें स्वामी विवेकानंद जी का यह पत्र हिंदी में।
Read Moreस्वामी विवेकानंद ने यह पत्र लन्दन से श्री आलसिंगा पेरूमल को 20 नवम्बर, 1896 लिखा था। पढ़ें स्वामी विवेकानंद यह पत्र हिंदी में।
Read Moreस्वामी विवेकानंद ने यह पत्र लन्दन से श्रीमती ओलि बुल को 13 नवम्बर, 1896 लिखा था। पढ़ें स्वामी विवेकानंद जी का यह पत्र हिंदी में।
Read Moreस्वामी विवेकानंद ने यह पत्र श्री आलसिंगा पेरूमल को 11 नवम्बर, 1896 लिखा था। पढ़ें स्वामी विवेकानंद यह पत्र हिंदी में।
Read Moreस्वामी विवेकानंद ने यह पत्र लन्दन से कुमारी मेरी हेल को 1 नवम्बर, 1896 लिखा था। पढ़ें विवेकानंद जी का यह पत्र हिंदी में। और आनंद ले।
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