गौ माता की आरती

गौ माता की आरती न केवल गोमाता को प्रसन्न करने वाली है, बल्कि यह माता के शरीर में स्थित विभिन्न देवी-देवताओं को भी प्रमुदित करती है। भारतीय संस्कृत और हिंदू धर्म में गौ माता का विशेष महत्व है। आयुर्वेद के अनुसार गौ माता का दूध सभी रोगों का नाश करने वाला और अमृत के समान होता है। जो गौ माता की आरती (Gau Mata Ki Aarti) का गायन नित्य करता है, उसके सभी कष्ट समाप्त हो जाते हैं और मन की इच्छाएँ पूरी होती हैं। पढ़ें गौ माता की आरती–

आरति श्री गैया-मैया की।
आरति-हरनि विश्वधैया की॥ टेक ॥

अर्थकाम-सद्धर्म-प्रदायिनि।
अविचल अमल मुक्तिपददायिनि।
सुर-मानव सौभाग्यविधायिनि,
प्यारी पूज्य नंद-छैयाकी।
आरति श्री गैया-मैया की…

अखिल विश्व प्रतिपालिनि माता,
मधुर अमिय दुग्धान्न प्रदाता।
रोग-शोक-संकट परित्राता,
भवसागर हित दृढ़ नैया की
आरति श्री गैया-मैया की…

आयु-ओज-आरोग्यविकाशिनि,
दुःख-दैन्य-दारिद्र्य-विनाशिनि।
सुषमा-सौख्य-समृद्धि-प्रकाशिनि,
विमल विवेक-बुद्धि-दैया की।
आरति श्री गैया-मैया की…

सेवक हो, चाहे दुखदाई,
सम पय-सुधा पियावति माई।
शत्रु-मित्र सबको सुखदाई,
स्नेह-स्वभाव-विश्व-जैया की।
आरति श्री गैया-मैया की…

विदेशों में बसे कई लोगों ने हमसे इस आरती को रोमन में उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया है। इसे ध्यान में रखते हुए हम यह आरती यहाँ रोमन में दे रहे हैं–

ārati śrī gaiyā-maiyā kī।
ārati-harani viśvadhaiyā kī॥ ṭeka ॥

arthakāma-saddharma-pradāyini।
avicala amala muktipadadāyini।
sura-mānava saubhāgyavidhāyini,
pyārī pūjya naṃda-chaiyākī।
ārati śrī gaiyā-maiyā kī…

akhila viśva pratipālini mātā,
madhura amiya dugdhānna pradātā।
roga-śoka-saṃkaṭa paritrātā,
bhavasāgara hita dṛḍha़ naiyā kī
ārati śrī gaiyā-maiyā kī…

āyu-oja-ārogyavikāśini,
duḥkha-dainya-dāridrya-vināśini।
suṣamā-saukhya-samṛddhi-prakāśini,
vimala viveka-buddhi-daiyā kī।
ārati śrī gaiyā-maiyā kī…

sevaka ho, cāhe dukhadāī,
sama paya-sudhā piyāvati māī।
śatru-mitra sabako sukhadāī,
sneha-svabhāva-viśva-jaiyā kī।
ārati śrī gaiyā-maiyā kī…

सन्दीप शाह

सन्दीप शाह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं। वे तकनीक के माध्यम से हिंदी के प्रचार-प्रसार को लेकर कार्यरत हैं। बचपन से ही जिज्ञासु प्रकृति के रहे सन्दीप तकनीक के नए आयामों को समझने और उनके व्यावहारिक उपयोग को लेकर सदैव उत्सुक रहते हैं। हिंदीपथ के साथ जुड़कर वे तकनीक के माध्यम से हिंदी की उत्तम सामग्री को लोगों तक पहुँचाने के काम में लगे हुए हैं। संदीप का मानना है कि नए माध्यम ही हमें अपनी विरासत के प्रसार में सहायता पहुँचा सकते हैं।

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