बद्रीनाथ की आरती

बद्रीनाथ की आरती बद्री नारायण रूपी भगवान विष्णु को प्रसन्न करने वाला है। भगवान् तो भक्त-वत्सल हैं। उनकी कृपा अपरमपार है। वे अपने भक्तों को कभी भी खाली हाथ नहीं जाने देते हैं। मान्यता है कि बद्रीनाथ की आरती (Badrinath Aarti) गाने से पूजा में हुए सभी दोष नष्ट हो जाते हैं और विष्णु जी की कृपा सहज ही प्राप्त हो जाती है। बद्रिकाश्रम में भगवान बद्रीनाथ जगत्-कल्याण के लिए साक्षात् स्थित हैं। बद्री वृक्ष के रूप में यहाँ माता लक्ष्मी ने तपस्या की थी, इसलिए यह स्थान बद्रीनाथ के नाम से प्रसिद्ध हुआ। पढ़ें बद्रीनाथ की आरती हिंदी में

पवन मन्द सुगन्ध शीतल हेम मन्दिर शोभितम्।
निकट गंगा बहत निर्मल श्रीबद्रीनाथ विश्वम्भरम्।

शेष सुमिरन करत निशदिन धरत ध्यान महेश्वरम्।
श्रीवेद ब्रह्मा करत स्तुति श्री बद्रीनाथ विश्वम्भरम्।

शक्ति गौरी गणेश शारद नारद मुनि उच्चारणम्।
जोग ध्यान अपार लीला श्री बद्रीनाथ विश्वम्भरम्।

इन्द्र चन्द्र कुबेर धुनि कर धूप दीप प्रकाशितम।
सिद्ध मुनिजन करत जै जै श्रीबद्रीनाथ विश्वम्भरम्।

श्रीलक्ष्मी कमला चँवरडोले श्रीबद्रीनाथ विश्वम्भरम्।
यक्ष किन्नर करत कौतुक ज्ञान गन्धर्व प्रकाशितम्।

कैलाश में एक देव निरन्जन शैल शिखर महेश्वरम्
राजा युधिष्ठिर करत स्तुति श्रीबद्रीनाथ विश्वम्भरम्।

श्री बद्रीजी के पंच रत्न पढ़त पाप विनाशनम्।
कोटि तीर्थ भवेत् पुण्य प्राप्यते फलदायकम्।

विदेशों में बसे कई लोगों ने हमसे इस आरती को रोमन में उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया है। इसे ध्यान में रखते हुए हम यह आरती यहाँ रोमन में दे रहे हैं–

pavana manda sugandha śītala hema mandira śobhitam।
nikaṭa gaṃgā bahata nirmala śrībadrīnātha viśvambharam।

śeṣa sumirana karata niśadina dharata dhyāna maheśvaram।
śrīveda brahmā karata stuti śrī badrīnātha viśvambharam।

śakti gaurī gaṇeśa śārada nārada muni uccāraṇam।
joga dhyāna apāra līlā śrī badrīnātha viśvambharam।

indra candra kubera dhuni kara dhūpa dīpa prakāśitama।
siddha munijana karata jai jai śrībadrīnātha viśvambharam।

śrīlakṣmī kamalā cam̐varaḍole śrībadrīnātha viśvambharam।
yakṣa kinnara karata kautuka jñāna gandharva prakāśitam।

kailāśa meṃ eka deva niranjana śaila śikhara maheśvaram।
rājā yudhiṣṭhira karata stuti śrībadrīnātha viśvambharam।

śrī badrījī ke paṃca ratna paḍha़ta pāpa vināśanam।
koṭi tīrtha bhavet puṇya prāpyate phaladāyakam।

सन्दीप शाह

सन्दीप शाह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं। वे तकनीक के माध्यम से हिंदी के प्रचार-प्रसार को लेकर कार्यरत हैं। बचपन से ही जिज्ञासु प्रकृति के रहे सन्दीप तकनीक के नए आयामों को समझने और उनके व्यावहारिक उपयोग को लेकर सदैव उत्सुक रहते हैं। हिंदीपथ के साथ जुड़कर वे तकनीक के माध्यम से हिंदी की उत्तम सामग्री को लोगों तक पहुँचाने के काम में लगे हुए हैं। संदीप का मानना है कि नए माध्यम ही हमें अपनी विरासत के प्रसार में सहायता पहुँचा सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: यह सामग्री सुरक्षित है !!