केदारनाथ की आरती

केदारनाथ की आरती का गायन सभी दुःखो और भयों से भक्त की रक्षा करता है। भोले बाबा तो भक्तों पर अपनी कृपा का वर्षण करने के लिए सदैव तैयार हैं, आवश्यकता है तो पवित्र हृदय से उनका स्मरण करने की। कहते हैं कि केदारनाथ की आरती (Kedarnath Aarti) भगवान शिव की अनुकम्पा पाने का तीव्र साधन है। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक केदारनाथ धाम शिव जी को अत्यन्त प्रिय है। यहाँ भक्तों के ताप हरने के लिए मंदाकिनी नदी के तट पर उनका वास है। पढ़ें केदारनाथ की आरती–

जय केदार उदार शंकर, भव भयंकर दुःख हरम्।
गौरी गणपति स्कन्द नन्दी, श्री केदार नमाम्यहम्।

शैल सुन्दर अति हिमालय, शुभ्र मन्दिर सुन्दरम्।
निकट मंदाकिनी सरस्वती, जय केदार नमाम्यहम्।

उदक कुण्ड है अधम पावन, रेतस कुण्ड मनोहरम्।
हंस कुण्ड समीप सुन्दर, जै केदार नमाम्यहम्।

अन्नपूर्णा सह अपर्णा, काल भैरव शोभितम्।
पाँच पांडव द्रौपदी सह, जय केदार नमाम्यहम्।

शिव दिगम्बर भस्मधारी, अर्द्धचन्द्र विभूषितम्।
शीश गंगा कंठ फणिपति, जै केदार नमाम्यहम्।

कर त्रिशूल विशाल डमरू, ज्ञान गान विशारदम्।
मध्य महेश्वर तुंग ईश्वर, रूद्र कल्प महेश्वरम्।
पंच धन्य विशाल आलय, जै केदार नमाम्यहम्।

नाथ पावन हे विशालम्, पुन्यप्रद हर दर्शनम्।
जय केदार उदार शंकर, पाप ताप नमाम्यहम्।

विदेशों में बसे कई लोगों ने हमसे इस आरती को रोमन में उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया है। इसे ध्यान में रखते हुए हम यह आरती यहाँ रोमन में दे रहे हैं–

jaya kedāra udāra śaṃkara, bhava bhayaṃkara duḥkha haram।
gaurī gaṇapati skanda nandī, śrī kedāra namāmyaham।

śaila sundara ati himālaya, śubhra mandira sundaram।
nikaṭa maṃdākinī sarasvatī, jaya kedāra namāmyaham।

udaka kuṇḍa hai adhama pāvana, retasa kuṇḍa manoharam।
haṃsa kuṇḍa samīpa sundara, jai kedāra namāmyaham।

annapūrṇā saha aparṇā, kāla bhairava śobhitam।
pām̐ca pāṃḍava draupadī saha, jaya kedāra namāmyaham।

śiva digambara bhasmadhārī, arddhacandra vibhūṣitam।
śīśa gaṃgā kaṃṭha phaṇipati, jai kedāra namāmyaham।

kara triśūla viśāla ḍamarū, jñāna gāna viśāradam।
madhya maheśvara tuṃga īśvara, rūdra kalpa maheśvaram।
paṃca dhanya viśāla ālaya, jai kedāra namāmyaham।

nātha pāvana he viśālam, punyaprada hara darśanam।
jaya kedāra udāra śaṃkara, pāpa tāpa namāmyaham।

सन्दीप शाह

सन्दीप शाह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं। वे तकनीक के माध्यम से हिंदी के प्रचार-प्रसार को लेकर कार्यरत हैं। बचपन से ही जिज्ञासु प्रकृति के रहे सन्दीप तकनीक के नए आयामों को समझने और उनके व्यावहारिक उपयोग को लेकर सदैव उत्सुक रहते हैं। हिंदीपथ के साथ जुड़कर वे तकनीक के माध्यम से हिंदी की उत्तम सामग्री को लोगों तक पहुँचाने के काम में लगे हुए हैं। संदीप का मानना है कि नए माध्यम ही हमें अपनी विरासत के प्रसार में सहायता पहुँचा सकते हैं।

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