नर्मदा जी की आरती – Narmada Ji Ki Aarti

नर्मदा जी की आरती माँ नर्मदा को प्रसन्न करने वाली बतायी गयी है। माता के पूजा-पाठ के पश्चात यदि कोई त्रुटि रह भी गयी हो, तो इस आरती को गाने से वह दूर हो जाती है। नर्मदा जी की आरती (Narmada Ji Ki Aarti) हृदय में भक्ति का उद्रेक करने वाली है। जो भी व्यक्ति पूरी श्रद्धा से इसे गाता है, माँ नर्मदा उसके सभी पाप-ताप दूर कर देती हैं। पढ़ें नर्मदा जी की आरती–

ॐ जय जगदानन्दी, मैया जय आनंद कन्दी।

बहा हरिहर शंकर रेवा शिव
हरि शंकर रूद्री पालन्ती॥ ॐ जय जगदानन्दी…

देवी नारद शारद तुम वरदायक, अभिनव पदचण्डी।
सुरनर मुनि जन सेवत, सुर नर मुनि शारद पदवन्ती॥ ॐ जय जगदानन्दी…

देवी धूमक वाहन राजत वीणा वादयन्ती।
झूमकत झूमकत झूमकत झननन झननन रमती राजन्ती॥ ॐ जय जगदानन्दी…

देवी बाजत ताल मृदंगा सुरमण्डल रमती।
तोड़ीतान तोड़ीतान तोड़ीतान तुऱड़ तुड़ड़ रमती सुरवन्ती॥ ॐ जय जगदानन्दी…

देवी सकल भुवन पर आप विराजत निशदिन आनन्दी।
गावत गंगा शंकर, सेवत रेवा शंकर तुम भव मेटनी॥ ॐ जय जगदानन्दी…

मैयाजी को कंचन थाल विराजत अगर कपूर बाती।
अमरकंठ में विराजत, घाटन घाट कोटी रतन जोती॥ ॐ जय जगदानन्दी…

मैया जी की आस्ती निशदिन पढ़ि गावें, हो रेखा जुग जुग नर गावें।
भजत शिवानन्द स्वामी जफ् हरि मन वांछित फल पावें।। ॐ जय जगदानन्दी…

कृपया श्री नर्मदा चालीसा पढ़ने के लिए यहाँ जाये – श्री नर्मदा चालीसा

सन्दीप शाह

सन्दीप शाह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं। वे तकनीक के माध्यम से हिंदी के प्रचार-प्रसार को लेकर कार्यरत हैं। बचपन से ही जिज्ञासु प्रकृति के रहे सन्दीप तकनीक के नए आयामों को समझने और उनके व्यावहारिक उपयोग को लेकर सदैव उत्सुक रहते हैं। हिंदीपथ के साथ जुड़कर वे तकनीक के माध्यम से हिंदी की उत्तम सामग्री को लोगों तक पहुँचाने के काम में लगे हुए हैं। संदीप का मानना है कि नए माध्यम ही हमें अपनी विरासत के प्रसार में सहायता पहुँचा सकते हैं।

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