प्रेतराज सरकार की आरती – Pretraj Sarkar Ki Aarti

प्रेतराज सरकार की आरती सभी कष्टों को जड़ से नष्ट करने में सक्षम है। ऋषि नीलासुर ही प्रेतराज सरकार हुए। वे हनुमान जी के महामंत्री हैं। उनका ही शासन आकाशगामी सूक्ष्म शक्तियों पर चलता है। इन सूक्ष्म शक्तियों की सहायता से इस संसार में सब कुछ संभव है। यही कारण है कि प्रेतराज सरकार की आरती विघ्न-बाधाओं का नाश कर मनोनुकूल फल देने वाली है। जो भी भक्त यह पढ़ता या गाता है, उसके बिगड़े काम भी अपने-आप बनने लगते हैं।

आरती प्रेतराज की कीजै।

दीन दुखिन के तुम रखवाले,
संकट जग के काटन हारे।

बालाजी के सेवक जोधा,
मन से नमन इन्हें कर लीजै।

जिनके चरण कभी ना हारे,
राम काज लगि जो अवतारे।

उनकी सेवा में चित्त देते,
अर्जी सेवक की सुन लीजै।

बाबा के तुम आज्ञाकारी,
हाथी पर करे असवारी।

भूत जिन्न सब थर-थर काँपे,
अर्जी बाबा से कह दीजै।

जिन्न आदि सब डर के मारे,
नाक रगड़ तेरे पड़े दुआरे।

मेरे संकट तुरतहि काटो,
यह विनय चित्त में धरि लीजै।

वेश राजसी शोभा पाता,
ढाल कृपाल धनुष अति भाता।

मैं आनकर शरण आपकी,
नैया पार लगा मेरी दीजै।

पूजन के अन्त में विधि-विधान से यह आरती की जाती है। इससे पहले तीन बार पुष्पांजलि देनी चाहिए। इससे इष्ट को प्रसन्नता की प्राप्ति होती है।

सन्दीप शाह

सन्दीप शाह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं। वे तकनीक के माध्यम से हिंदी के प्रचार-प्रसार को लेकर कार्यरत हैं। बचपन से ही जिज्ञासु प्रकृति के रहे सन्दीप तकनीक के नए आयामों को समझने और उनके व्यावहारिक उपयोग को लेकर सदैव उत्सुक रहते हैं। हिंदीपथ के साथ जुड़कर वे तकनीक के माध्यम से हिंदी की उत्तम सामग्री को लोगों तक पहुँचाने के काम में लगे हुए हैं। संदीप का मानना है कि नए माध्यम ही हमें अपनी विरासत के प्रसार में सहायता पहुँचा सकते हैं।

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