स्वामी विवेकानंद के पत्र – श्री लाला बद्री शाह को लिखित (5 अगस्त, 1896)

(स्वामी विवेकानंद का श्री लाला बद्री शाह को लिखा गया पत्र)

द्वारा ई. टी. स्टर्डी
हाई व्यू, कैवरशम, रीडिंग, लंदन
५ अगस्त, १८९६

प्रिय शाह जी,

आपके सहृदय अभिनन्दन के लिए धन्यवाद। आपसे एक बात मैं जानना चाहता हूँ। यदि लिखने का कष्ट करें तो इस कृपा के लिए मैं विशेष अनुगृहीत होऊँगा। मैं एक मठ स्थापित करना चाहता हूँ – मेरी इच्छा है कि वह अल्मोड़ा में या अच्छा हो उसके समीप किसी स्थान में हो। मैंने सुना है कि श्री रैमसे नामक कोई सज्जन अल्मोड़ा के समीप एक बँगले में रहते थे, उस बँगले के चारों ओर एक बगीचा था। क्या वह बँगला खरीदा जा सकता है? उसका मूल्य क्या होगा? यदि खरीदना सम्भव न हो तो किराये पर मिल सकता है या नहीं?

क्या आप अल्मोड़ा के समीप किसी ऐसे उपयुक्त स्थान को जानते हैं, जहाँ बगीचे आदि के साथ मैं अपना मठ बना सकूँ? बगीचे का होना नितान्त आवश्यक है। मैं चाहता हूँ कि अलग एक छोटी सी पहाड़ी मिल जाय तो अच्छा हो।

आशा है कि पत्र का उत्तर शीघ्र प्राप्त होगा। आप एवं अल्मोड़ा के अन्य मित्रों को मेरा आशीर्वाद तथा प्रेम।

भवदीय,
विवेकानन्द

सन्दीप शाह

सन्दीप शाह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं। वे तकनीक के माध्यम से हिंदी के प्रचार-प्रसार को लेकर कार्यरत हैं। बचपन से ही जिज्ञासु प्रकृति के रहे सन्दीप तकनीक के नए आयामों को समझने और उनके व्यावहारिक उपयोग को लेकर सदैव उत्सुक रहते हैं। हिंदीपथ के साथ जुड़कर वे तकनीक के माध्यम से हिंदी की उत्तम सामग्री को लोगों तक पहुँचाने के काम में लगे हुए हैं। संदीप का मानना है कि नए माध्यम ही हमें अपनी विरासत के प्रसार में सहायता पहुँचा सकते हैं।

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