स्वामी विवेकानंद के पत्र – कुमारी जोसेफिन मैक्लिऑड को लिखित (15 मई, 1902)

(स्वामी विवेकानंद का कुमारी जोसेफिन मैक्लिऑड को लिखा गया पत्र)

मठ, बैलूड़, हावड़ा,
१५ मई, १९०२

प्रिय ‘जो’,

मादाम कालभे के नाम लिखित पत्र मै तुम्हें भेज रहा हूँ। …

मैं बहुत कुछ स्वस्थ हूँ; किन्तु जितनी मुझे आशा थी उस दृष्टि से यह नहीं के बराबर है। एकान्त में रहने की मेरी प्रबल भावना उत्पन्न हो गयी है – मैं सदा के लिए विश्राम लेना चाहता हूँ, मेरे लिए और कोई कार्य शेष न रहेगा। यदि सम्भव हो सका, तो मैं अपनी पुरानी भिक्षावृत्ति को पुनः प्रारम्भ कर दूँगा।

‘जो’, तुम्हारा सर्वागीण मंगल हो – तुम देवदूत की तरह मेरी देखभाल कर रही हो।

चिर स्नेहाबद्ध,
विवेकानन्द

सन्दीप शाह

सन्दीप शाह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं। वे तकनीक के माध्यम से हिंदी के प्रचार-प्रसार को लेकर कार्यरत हैं। बचपन से ही जिज्ञासु प्रकृति के रहे सन्दीप तकनीक के नए आयामों को समझने और उनके व्यावहारिक उपयोग को लेकर सदैव उत्सुक रहते हैं। हिंदीपथ के साथ जुड़कर वे तकनीक के माध्यम से हिंदी की उत्तम सामग्री को लोगों तक पहुँचाने के काम में लगे हुए हैं। संदीप का मानना है कि नए माध्यम ही हमें अपनी विरासत के प्रसार में सहायता पहुँचा सकते हैं।

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