स्वामी विवेकानंद के पत्र – श्रीमती लेगेट को लिखित (28 जुलाई, 1897)

(स्वामी विवेकानंद का श्रीमती लेगेट को लिखा गया पत्र)

अल्मोड़ा,
२८ जुलाई, १८९७

मेरी प्यारी माँ,

आपके सुन्दर कृपा-पत्र के लिए अनेक धन्यवाद। काश, मैं लन्दन में होता और खेतड़ी के राजा साहब का निमन्त्रण स्वीकार कर सकता। पिछली बार, लन्दन में मैं बहुत से प्रीतिभोजों में सम्मिलित हुआ। लेकिन दुर्भाग्यवश अस्वस्थता के कारण मैं राजा साहब का साथ न दे सका।

तो, अल्बर्टा फिर अपने घर – अमेरिका पहुँच गयी है। उसने रोम में मेरे लिए जो कुछ किया उसके लिए मैं ऋणी हूँ। हॉली कैसे हैं? हॉली-दम्पत्ति को मेरा स्नेह दें तथा नवागत शिशु – मेरी सबसे छोटी बहन को मेरी ओर से प्यार करें।

मैं पिछले नौ महीने हिमालय में कुछ विश्राम करता रहा हूँ। अब फिर मैदानों की ओर जा रहा हूँ – काम में जुट जाने के लिए!

फ़्रैन्किनसेन्स और जो-जो और मेबेल को मेरा प्यार – और आपको भी – चिरंतन!

आपका,
विवेकानन्द

सन्दीप शाह

सन्दीप शाह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं। वे तकनीक के माध्यम से हिंदी के प्रचार-प्रसार को लेकर कार्यरत हैं। बचपन से ही जिज्ञासु प्रकृति के रहे सन्दीप तकनीक के नए आयामों को समझने और उनके व्यावहारिक उपयोग को लेकर सदैव उत्सुक रहते हैं। हिंदीपथ के साथ जुड़कर वे तकनीक के माध्यम से हिंदी की उत्तम सामग्री को लोगों तक पहुँचाने के काम में लगे हुए हैं। संदीप का मानना है कि नए माध्यम ही हमें अपनी विरासत के प्रसार में सहायता पहुँचा सकते हैं।

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