स्वामी विवेकानंद के पत्र – श्रीमती ओलि बुल को लिखित (27 अक्टूबर, 1894)

(स्वामी विवेकानंद का श्रीमती ओलि बुल को लिखा गया पत्र)

द्वारा श्रीमती ई. टोटेन,
१७०८, आई. स्ट्रीट,
वाशिंगटन, डी. सी.,
२७ अक्टूबर, १८९४

प्रिय श्रीमती बुल,

आपने कृपापूर्वक श्री फ़ेडरिक डगलस के नाम मेरा जो परिचय-पत्र भेजा है, उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। बाल्टिमोर में एक नीच होटलवाले ने मेरे साथ जो दुर्व्यवहार किया, उसके लिए आप दुःखित न हों। इसमें ब्रूमन बन्धुओं का ही दोष था। वे मुझे ऐसे नीच होटल में क्यों ले गए? और हर जगह की तरह यहाँ पर भी अमेरिका की महिलाओं ने ही मुझे विपत्ति से मुक्त किया, और फिर मेरा समय अच्छी तरह से बीता।

यहाँ पर मैं श्रीमती ई. टोटेन के अतिथि के रूप में रह रहा हूँ। ये यहाँ की एक प्रभावपूर्ण तथा आध्यात्मिक महिला हैं। इसके अतिरिक्त ये मेरे शिकागो के मित्र की भतीजी हैं। अतः मुझे हर प्रकार की सुविधा मिल रही है। मैं यहाँ श्री कालविल तथा कुमारी यंग से भी मिला हूँ।

शाश्वत प्रेम और कृतज्ञता के साथ,

आपका,

सन्दीप शाह

सन्दीप शाह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं। वे तकनीक के माध्यम से हिंदी के प्रचार-प्रसार को लेकर कार्यरत हैं। बचपन से ही जिज्ञासु प्रकृति के रहे सन्दीप तकनीक के नए आयामों को समझने और उनके व्यावहारिक उपयोग को लेकर सदैव उत्सुक रहते हैं। हिंदीपथ के साथ जुड़कर वे तकनीक के माध्यम से हिंदी की उत्तम सामग्री को लोगों तक पहुँचाने के काम में लगे हुए हैं। संदीप का मानना है कि नए माध्यम ही हमें अपनी विरासत के प्रसार में सहायता पहुँचा सकते हैं।

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