स्वामी विवेकानंद के पत्र – भगिनी निवेदिता को लिखित (12 फरवरी, 1902)

(स्वामी विवेकानंद का भगिनी निवेदिता को लिखा गया पत्र)

वाराणसी,
१२ फरवरी, १९०२

प्रिय निवेदिता,

सब प्रकार की शक्तियाँ तुममें उद्बुद्ध हो, महामाया स्वयं तुम्हारे हृदय तथा भुजाओं में अधिष्ठित हों! अप्रतिहत महाशक्ति तुम्हारे अन्दर जाग्रत हो तथा यदि सम्भव हो, तो इसके साथ ही साथ तुम शान्ति भी प्राप्त करो – यही मेरी प्रार्थना है।…

यदि श्रीरामकृष्ण देव सत्य हों, तो उन्होंने जिस प्रकार मेरे जीवन में मार्ग प्रदर्शन किया है, ठीक उसी प्रकार अथवा उससे भी हजार गुना स्पष्ट रूप से तुम्हें भी वे मार्ग दिखाकर अग्रसर करते रहें।

विवेकानन्द

सन्दीप शाह

सन्दीप शाह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं। वे तकनीक के माध्यम से हिंदी के प्रचार-प्रसार को लेकर कार्यरत हैं। बचपन से ही जिज्ञासु प्रकृति के रहे सन्दीप तकनीक के नए आयामों को समझने और उनके व्यावहारिक उपयोग को लेकर सदैव उत्सुक रहते हैं। हिंदीपथ के साथ जुड़कर वे तकनीक के माध्यम से हिंदी की उत्तम सामग्री को लोगों तक पहुँचाने के काम में लगे हुए हैं। संदीप का मानना है कि नए माध्यम ही हमें अपनी विरासत के प्रसार में सहायता पहुँचा सकते हैं।

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