स्वामी विवेकानंद के पत्र – स्वामी ब्रह्मानन्द को लिखित (अगस्त, 1895)

(स्वामी विवेकानंद का स्वामी ब्रह्मानन्द को लिखा गया पत्र)

१९ पश्चिम ३८वाँ रास्ता,
न्यूयार्क,
अगस्त (?), १८९५

प्रिय राखाल,

…मैं इस समय न्यूयार्क शहर में हूँ। यह नगर गर्मी में बिल्कुल कलकत्ते की तरह गर्म हो जाता है। खूब पसीना आता है और हवा बिल्कुल बंद रहती है। कुछ महीनों के लिए मैंने उत्तर का दौरा किया। कृपया लौटती डाक से इस पत्र का जवाब इंग्लैण्ड के पते पर भेजो। वहाँ के लिए मैं इस पत्र के तुम तक पहुँचने के पूर्व ही चल पड़ूँगा।

सस्नेह,
विवेकानन्द

सन्दीप शाह

सन्दीप शाह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं। वे तकनीक के माध्यम से हिंदी के प्रचार-प्रसार को लेकर कार्यरत हैं। बचपन से ही जिज्ञासु प्रकृति के रहे सन्दीप तकनीक के नए आयामों को समझने और उनके व्यावहारिक उपयोग को लेकर सदैव उत्सुक रहते हैं। हिंदीपथ के साथ जुड़कर वे तकनीक के माध्यम से हिंदी की उत्तम सामग्री को लोगों तक पहुँचाने के काम में लगे हुए हैं। संदीप का मानना है कि नए माध्यम ही हमें अपनी विरासत के प्रसार में सहायता पहुँचा सकते हैं।

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