स्वामी विवेकानंद के पत्र – स्वामी ब्रह्मानन्द को लिखित (24 फरवरी, 1902)

(स्वामी विवेकानंद का स्वामी ब्रह्मानन्द को लिखा गया पत्र)

गोपाल लाल विला,
वाराणसी छावनी,
२४ फरवरी, १९०२

प्रिय राखाल,

आज प्रातःकाल तुम्हारा भेजा अमेरिका से आया हुआ एक छोटा सा पार्सल मिला। पर मुझे न कोई पत्र मिला, न तो वह रजिस्ट्री ही, जिसकी तुमने चर्चा की है और न ही कोई दूसरी। वे नेपाली सज्जन आये थे अथवा नही या क्या कुछ घटित हुआ, यह मैं बिल्कुल भी नही जान सका हूँ। एक मामूली सी चिट्ठी लिखने में इतना कष्ट और विलम्ब!… अब मुझे यदि हिसाब-किताब भी मिल जाय, तो मैं चैन की साँस लूंगा। पर कौन जानता है, उसके मिलने में भी कितने महीने लगते हैं!…

सस्नेह,
विवेकानन्द

सन्दीप शाह

सन्दीप शाह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं। वे तकनीक के माध्यम से हिंदी के प्रचार-प्रसार को लेकर कार्यरत हैं। बचपन से ही जिज्ञासु प्रकृति के रहे सन्दीप तकनीक के नए आयामों को समझने और उनके व्यावहारिक उपयोग को लेकर सदैव उत्सुक रहते हैं। हिंदीपथ के साथ जुड़कर वे तकनीक के माध्यम से हिंदी की उत्तम सामग्री को लोगों तक पहुँचाने के काम में लगे हुए हैं। संदीप का मानना है कि नए माध्यम ही हमें अपनी विरासत के प्रसार में सहायता पहुँचा सकते हैं।

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