स्वामी विवेकानंद के पत्र – श्री आलासिंगा पेरुमल को लिखित (30 नवम्बर, 1894)
स्वामी विवेकानंद ने यह पत्र अमेरिका से श्री आलासिंगा पेरुमल को 30 नवम्बर, 1894 लिखा था। पढ़ें स्वामी विवेकानंद यह पत्र हिंदी में।
Read Moreस्वामी विवेकानंद ने यह पत्र अमेरिका से श्री आलासिंगा पेरुमल को 30 नवम्बर, 1894 लिखा था। पढ़ें स्वामी विवेकानंद यह पत्र हिंदी में।
Read Moreचार अक्षर वाली चीख” जातक कथा की शिक्षा याद रखने योग्य है। दानहीन, दुःखियों की मदद न करने वाले व ग़लत काम करने वाले को नरक भोगना पड़ता है।
Read More“राम कहानी” जातक कथाओं में आती है। यह प्रचलित राम-कथा से थोड़ी-सी भिन्न है। इसमें दुःख के समय स्वयं पर नियंत्रण रखने की शिक्षा मिलती है।
Read More“अंगुलिमाल डाकू की कहानी” जातक कथाओं में प्रसिद्ध कहानी है। इसमें बताया गया है कि किस तरह पूर्व-जन्म में अंगुलिमाल को सही दिशा प्राप्त हुई।
Read Moreस्वामी विवेकानंद ने यह पत्र शिकागो से श्री हरिदास बिहारीदास देसाई को नवम्बर, 1894 लिखा था। पढ़ें स्वामी विवेकानंद जी का यह पत्र हिंदी में।
Read Moreस्वामी विवेकानंद ने यह पत्र न्यूयार्क से श्री आलासिंगा पेरुमल आदि मद्रासी शिष्यों को 19 नवम्बर, 1894 लिखा था। पढ़ें यह पत्र हिंदी में।
Read Moreस्वामी विवेकानंद ने यह पत्र न्यूयार्क से राजा प्यारीमोहन मुकर्जी को 18 नवम्बर, 1894 को लिखा था। पढ़ें विवेकानंद जी का यह पत्र हिंदी में।
Read Moreस्वामी विवेकानंद ने यह पत्र अमेरिका से श्री लाला गोविन्द सहाय को 1894 को लिखा था। पढ़ें विवेकानंद जी का यह पत्र हिंदी में।
Read Moreस्वामी विवेकानंद ने यह पत्र शिकागो से श्री लाला गोविन्द सहाय को 1894 को लिखा था। पढ़ें विवेकानंद जी का यह पत्र हिंदी में।
Read Moreस्वामी विवेकानंद ने यह पत्र वाशिंगटन से श्रीमती ओलि बुल को 27 अक्टूबर, 1894 लिखा था। पढ़ें स्वामी विवेकानंद जी का यह पत्र हिंदी में।
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