भैरव आरती – Bhairav Aarti

भैरव आरती (Bhairav Aarti) सिद्धिदायी है, सफलतादायी है, सुखदायी है और समृद्धिदायी है। जो नित्य भैरव आरती का गायन करता है, उसपर निश्चय ही भैरव बाबा की कृपा बरसती है। फिर जग में ऐसा क्या है, जो न मिल सकता हो। सारी अड़चनें, सारी बाधाएँ स्वतः ही रास्ते से हट जाती हैं। बिगड़े हुए काम धीरे-धीरे करके बनने लगते हैं। समस्याओं का निस्तारण होना आरंभ हो जाएगा। ऐसी अद्भुत शक्ति है इस भैरव आरती में–

सुनो जी भैरव लाडिले,
कर जोड़ कर विनती करूँ।

कृपा तुम्हारी चाहिए,
मैं ध्यान तुम्हारा ही धरूँ।

मैं चरण छूता आपके,
अर्जी मेरी सुन लीजिये।

मैं हूँ मति का मन्द,
मेरी कुछ मदद तो कीजिये।

महिमा तुम्हारी बहुत,
कुछ थोड़ी सी मैं वर्णन करूँ॥
सुनो जी भैरव…

करते सवारी स्वान की,
चारों दिशा में राज्य है।

जितने भूत और प्रेत,
सबके आप ही सरताज हैं।

हथियार हैं जो आपके,
उसका क्या वर्णन करूँ॥
सुनो भी भैरव…

माता जी के सामने तुम,
नृत्य भी करते सदा ।

गा गा के गुण अनुवाद से,
उनको रिझाते हो सदा।

एक सांकली है आपकी,
तारीफ उसकी क्या करूँ॥
सुनो जी भैरव…

बहुत सी महिमा तुम्हारी,
मेंहदीपुर सरनाम है।

आते जगत के यात्री,
बजरंग का स्थान है।

श्री प्रेतराज सरकार के,
शीश चरणों में धरूँ॥
सुनो जी भैरव

निशिदिन तुम्हारे खेल से,
माताजी खुश रहें।

सिर पर तुम्हारे हाथ रखकर,
आशीर्वाद देती रहें।

कर जोड़कर विनीत करूँ,
अरु शीश चरणों में धरूँ॥
सुनो जी भैरव….

सन्दीप शाह

सन्दीप शाह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं। वे तकनीक के माध्यम से हिंदी के प्रचार-प्रसार को लेकर कार्यरत हैं। बचपन से ही जिज्ञासु प्रकृति के रहे सन्दीप तकनीक के नए आयामों को समझने और उनके व्यावहारिक उपयोग को लेकर सदैव उत्सुक रहते हैं। हिंदीपथ के साथ जुड़कर वे तकनीक के माध्यम से हिंदी की उत्तम सामग्री को लोगों तक पहुँचाने के काम में लगे हुए हैं। संदीप का मानना है कि नए माध्यम ही हमें अपनी विरासत के प्रसार में सहायता पहुँचा सकते हैं।

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