बटुक भैरव की आरती – Batuk Bhairav Ji Ki Aarti

बटुक भैरव की आरती गाने से भैरव बाबा निश्चित ही प्रसन्न होते हैं, इसमें कोई संशय नहीं है। जो भी व्यक्ति बटुक भैरव की आरती (Batuk Bhairav Ji Ki Aarti) गाता है, उसे जीवन में वह सब कुछ प्राप्त होता है जिसकी वह इच्छा करता है–धन, संपत्ति, स्वास्थ्य, सुख, शांति, सफलता और समृद्धि आदि। बटुक भैरव की आरती जीवन में हर प्रकार की सफलता देने वाली है। अभी पढ़ें बटुक भैरव की आरती–

जय भैरव देवा प्रभु जय भैरव देवा,
सुर नर मुनि सब करते प्रभु तुम्हरी सेवा।

तुम पाप उद्धारक दुःख सिन्धु तारक,
भक्तों के सुखकारक भीषण वपु धारक।

वाहन श्वान विराजत कर त्रिशूल धारी,
महिमा अमित तुम्हारी जय जय भयहारी।

तुम बिन शिव सेवा सफल नहीं होवे,
चतुर्वतिका दीपक दर्शन दुःख खोवे॥

तेल चटकि दधि मिश्रित भाषावलि तेरी,
कृपा कीजिये भैरव करिये नहिं देरी॥

पाँवों घुंघरू बाजत डमरू डमकावत,
बटुकनाथ बन बालक जन मन हरषावत॥

बटुक नाथ की आरती जो कोई नर गावे,
कहे धरणीधर वह मन वांछित फल पावे॥

बटुक भैरव की चालीसा हिंदी में पढ़ने के लिए कृपया यहाँ जाएँ – बटुक भैरव चालीसा

बाबा भक्तों के प्रति बहुत दयालु हैं। वे उनकी सारी मुरादें पूरी करते हैं। बाबा की आरती करने वाला मनोवांछित फल प्राप्त करता है। कहते हैं कि जो भी उनकी उपासना सच्चे दिल से करता है, उसके सभी भय नष्ट हो जाते हैं।

सन्दीप शाह

सन्दीप शाह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं। वे तकनीक के माध्यम से हिंदी के प्रचार-प्रसार को लेकर कार्यरत हैं। बचपन से ही जिज्ञासु प्रकृति के रहे सन्दीप तकनीक के नए आयामों को समझने और उनके व्यावहारिक उपयोग को लेकर सदैव उत्सुक रहते हैं। हिंदीपथ के साथ जुड़कर वे तकनीक के माध्यम से हिंदी की उत्तम सामग्री को लोगों तक पहुँचाने के काम में लगे हुए हैं। संदीप का मानना है कि नए माध्यम ही हमें अपनी विरासत के प्रसार में सहायता पहुँचा सकते हैं।

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