स्वामी विवेकानंद के पत्र – भाग 7

“स्वामी विवेकानंद के पत्र – भाग 7” में पढ़ें स्वामी विवेकानंद जी के 44 पत्र हिंदी में। इन पत्रों में स्वामीजी के ओजस्वी विचारों और गहन चिंतन का पता लगता है। उनकी हर चिट्ठी पठनीय है। पढ़ें और मनन करें–

  1. स्वामी त्रिगुणातीतानन्द को लिखित (10 अक्टूबर, 1897)
  2. स्वामी अखण्डानन्द को लिखित (10 अक्टूबर, 1897)
  3. स्वामी ब्रह्मानन्द को लिखित (10 अक्टूबर, 1897)
  4. श्री जगमोहन लाल को लिखित (11 अक्टूबर, 1897)
  5. स्वामी ब्रह्मानन्द को लिखित (11 अक्टूबर, 1897)
  6. स्वामी ब्रह्मानन्द को लिखित (12 अक्टूबर, 1897)
  7. भगिनी निवेदिता को लिखित (3 नवम्बर, 1897)
  8. स्वामी ब्रह्मानन्द को लिखित (11 नवम्बर, 1897)
  9. स्वामी ब्रह्मानन्द को लिखित (15 नवम्बर, 1897)
  10. श्रीमती इन्दुमती मित्र को लिखित (15 नवम्बर, 1897)
  11. श्रीमती इन्दुमती मित्र को लिखित (24 नवम्बर, 1897)
  12. ‘मास्टर महाशय’ को लिखित (24 नवम्बर, 1897)
  13. स्वामी प्रेमानन्द को लिखित (24 नवम्बर, 1897)
  14. स्वामी ब्रह्मानन्द को लिखित (30 नवम्बर, 1897)
  15. स्वामी ब्रह्मानन्द को लिखित (8 दिसम्बर, 1897)
  16. स्वामी ब्रह्मानन्द को लिखित (14 दिसम्बर, 1897)
  17. स्वामी शिवानन्द को लिखित (27 दिसम्बर, 1897)
  18. श्रीमती मृणालिनी बसु को लिखित (3 जनवरी, 1898)
  19. राजा प्यारीमोहन मुखर्जी को लिखित (25 फरवरी, 1898)
  20. स्वामी रामकृष्णानन्द को लिखित (25 फरवरी, 1898)
  21. कुमारी मेरी हेल को लिखित (2 मार्च, 1898)
  22. स्वामी रामकृष्णानन्द को लिखित (मार्च, 1898)
  23. कुमारी जोसेफिन मैक्लिऑड को लिखित (18 अप्रैल, 1898)
  24. स्वामी ब्रह्मानन्द को लिखित (23 अप्रैल, 1898)
  25. कुमारी जोसेफिन मैक्लिऑड को लिखित (29 अप्रैल, 1898)
  26. भगिनी निवेदिता को लिखित (20 मई, 1898)
  27. स्वामी ब्रह्मानन्द को लिखित (20 मई, 1898)
  28. खेतड़ी के महाराज को लिखित (9 जून, 1898)
  29. मुहम्मद सरफराज हुसैन को लिखित (10 जून, 1898)
  30. श्री ई. टी. स्टर्डी को लिखित (3 जुलाई, 1898)
  31. स्वामी ब्रह्मानन्द को लिखित (17 जुलाई, 1898)
  32. स्वामी ब्रह्मानन्द को लिखित (1 अगस्त, 1898)
  33. भगिनी निवेदिता को लिखित (25 अगस्त, 1898)
  34. कुमारी मेरी हेल को लिखित (28 अगस्त, 1898)
  35. श्री हरिपद मित्र को लिखित (17 सितम्बर, 1898)
  36. खेतड़ी के महाराज को लिखित (17 सितम्बर, 1898)
  37. श्री हरिपद मित्र को लिखित (16 अक्टूबर, 1898)
  38. खेतड़ी के महाराज को लिखित (16 अक्टूबर, 1898)
  39. खेतड़ी के महाराज को लिखित (नवम्बर, 1898)
  40. कुमारी जोसेफिन मैक्लिऑड को लिखित (12 नवम्बर, 1898)
  41. खेतड़ी के महाराज को लिखित (15 दिसम्बर, 1898)
  42. श्रीमती ओलि बुल को लिखित (29 दिसम्बर, 1898)
  43. कुमारी जोसेफिन मैक्लिऑड को लिखित (2 फरवरी, 1899)
  44. कुमारी मेरी हेल को लिखित (16 मार्च, 1899)

“स्वामी विवेकानंद के पत्र – भाग 7” में स्वामी विवेकानन्द द्वारा लिखित मार्च 1899 तक की चिट्ठियाँ हैं। स्वामी जी का चिंतन और व्यक्तित्व बहुआयामी था। उनकी हर चिट्ठी किसी-न-किसी आयाम की गहराई से पड़ताल कर उसे उजागर करती है।

इससे आगे के पत्र पढ़ने के लिए कृपया यहाँ जाएँ – स्वामी विवेकानंद के पत्र – भाग 8

सन्दीप शाह

सन्दीप शाह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं। वे तकनीक के माध्यम से हिंदी के प्रचार-प्रसार को लेकर कार्यरत हैं। बचपन से ही जिज्ञासु प्रकृति के रहे सन्दीप तकनीक के नए आयामों को समझने और उनके व्यावहारिक उपयोग को लेकर सदैव उत्सुक रहते हैं। हिंदीपथ के साथ जुड़कर वे तकनीक के माध्यम से हिंदी की उत्तम सामग्री को लोगों तक पहुँचाने के काम में लगे हुए हैं। संदीप का मानना है कि नए माध्यम ही हमें अपनी विरासत के प्रसार में सहायता पहुँचा सकते हैं।

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