वंडर ऑफ साइंस का निबंध

वंडर ऑफ साइंस का निबंध हमें विज्ञान की प्रगति और उससे हुए बदलावों के बारे में बताता है। विज्ञान ने पूरी दुनिया को परिवर्तित करके रख दिया है। आज के हमारे जीवन में हम जो भी चीज़ें देखते हैं, उन्हें हम वंडर ऑफ साइंस यानी विज्ञान का चमत्कार कह सकते हैं। पढ़ें यह एस्से हिंदी में (Wonder of Science Essay in Hindi)–

प्रस्तावना

आधुनिक युग को विज्ञान का पर्याय माना जाता है क्योंकि इस युग में विज्ञान ने देश तथा विश्व को नये-नये आविष्कारों तथा औज़ारों को उपहार के रूप दिया है। आज मनुष्य जो भी वस्तुएँ प्रयोग करता है वह विज्ञान का ही परिणाम है। इसने हर प्रकार के काम को करने के लिए मानव को शक्ति प्रदान की है।

वैज्ञानिकों ने कंप्यूटर, ईंधन, सूचना आदि के क्षेत्र में नये-नये उपकरण प्रदान किये है जिसके कारण जीवन बेहद सरल और संपन्न हुआ है और बिजली से संचालित होने वाले ए.सी, पंखें, टेलीविजन, लाइट, कूलर आदि साधन तथा इन सब के विकसित रूप विज्ञान की ही देन है। आज के भाग-दौड़ के समय में कुछ ऐसे आविष्कार भी हुए है जिनसे समय की बचत होने लगी है; जैसे- हीटर, सोलर गैस, वेक्यूम-क्लिनर आदि। चिकित्सा, कृषि, यातायात, मनोरंजन, भोजन, आवास, उद्योग आदि सभी क्षेत्र बड़े स्तर पर विज्ञान से जुड़े हुए है।

कोई ऐसा क्षेत्र नहीं जो इससे प्रभावित न हो। इसने अपना विकास चारों ओर किया है यही कारण है कि मनुष्य दुनिया के प्रतेक क्षेत्र में अग्रसर होते दिखायी दे रहा है। विज्ञान की सहायता से मानव ने जल, वायु, भूमि पर भी काबू पा लिया है, अब मानव आसमान में उड़ सकते है तथा समुद्र के गहरे पानी में भी साँस ले सकते है आदि सभी विज्ञान के आविष्कार किसी चमत्कार से कम नहीं लगते।

विज्ञान क्या है?

वंडर ऑफ साइंस का निबंध में सर्वप्रथम समझने की आवश्यकता है कि विज्ञान वस्तुतः है क्या। विज्ञान शब्द दो शब्दों विशेष+ज्ञान से मिलकर बना हुआ है जिसका अर्थ है विशेष ज्ञान। विज्ञान वह क्रमबद्ध ज्ञान होता है जो प्रकृति या सिद्धांतों के अवलोकन या अध्ययन से प्राप्त किये जाते है अर्थात् प्रकृति के क्रमबद्ध ज्ञान को विज्ञान कहते है। यह विभिन्न प्रकार की वस्तुओं के गुणों को जानने और उन्हें पहचानने में सहायता करती है इसलिए इस तरह के ज्ञान को विज्ञान कहते है।

आस-पास की किसी भी वस्तु के संबंध में अध्ययन द्वारा जानकारी तथा आकड़ो को प्रमाण के रूप में प्रस्तुत करना इसके अंतर्गत आता है इसलिए इसमें किसी भी प्रकार के असत्य को कोई स्थान नहीं दिया जाता है तथा व्यवहारिक रूप में साबित भी किया जा सकता है। किसी भी वस्तु का अध्ययन करते समय उसके प्रत्येक पहलू को बड़े ध्यान से समझा जाता है और उसके हर एक पहलू को आकड़ों के रूप में लिखकर जमा किया जाता है। विज्ञान के आधार पर मानव गति को माप सकता है, विभिन अवस्थाओं (द्रव, गैस, ठोस) की जानकारी को प्राप्त कर सकते है, कोई वस्तु कितनी तेज़ी से कार्य करेगी यह भी जान सकते है, एक फार्मूले से किसी भी मशीन की अवस्था को बदला जा सकता है आदि।

महान विज्ञान न्यूटन को कौन नहीं जानता? जिन्होंने बताया कि कोई चीज़ गिरती है तो नीचे क्यों जाती है ऊपर क्यों नहीं जाती है और इसे गुरुत्वाकर्षण के नियम के रूप में पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत किया तथा इस तरह की खोज विज्ञान का हिस्सा बनती जाती है

यह भी पढ़ें – प्रदूषण पर निबंध

विज्ञान के प्रकार

मुख्य रूप से विज्ञान के तीन प्रकार होते है भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान इन्ही के अंतर्गत सभी आकड़ों को प्रस्तुत किया जाता है तथा यह नये-नये आविष्कार में सहायक भी होते है-

भौतिक विज्ञान:- भौतिक विज्ञान एक विस्तृत शाखा है जिसके अंतर्गत प्राकृतिक घटनाओं को विस्तृत रूप से समझा जाता है एवं वैज्ञानिक नियम के आधार पर प्रस्तुत किया जाता है। यह हर तरह के विज्ञान के लिए एक आधार का काम करती है। अंतरिक्ष संस्थान ‘नासा’ हर साल कुछ न कुछ नया मिशन करते है और पृथ्वी से बाहर अपने सेटेलाइट अंतरिक्ष में कोई नयी खोज करने के लिए भेजते है इन सभी प्रकार के आविष्कार या खोज में भौतिक विज्ञान बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

अगर मानव को इसका ज्ञान न होता तो गाड़ियाँ नहीं चल सकती थी, न तो बिजली बना पाते और न ही जहाज में उड़ पाते अर्थात् जिस तरह प्रत्येक जगह गणित फैला हुआ है उसी तरह प्रत्येक कार्य में भौतिक विज्ञान किसी न किसी रूप में जुड़ा हुआ है।

इसकी सहायता से ब्रह्माण्ड में हो रहे प्राकृतिक घटनाओं का विश्लेष्ण किया जाता है। इसमें प्रत्येक पदार्थ और उर्जा का अध्ययन किया जाता है, रॉकेट वैज्ञानिकों से लेकर मनुष्य के प्रत्येक दिन के कर्यों से भी इसका जुड़ाव रहता है। कंप्यूटर तथा चिकित्सा के लिए यह एक महत्त्वपूर्ण तत्त्व है।

रसायन विज्ञान:- रसायन विज्ञान के अंतर्गत कोई पदार्थ अपने गुणों के साथ दूसरे पदार्थ के साथ कब जुड़ते है, कैसे जुड़ते है, कैसा कार्य करते है फिर अलग कैसे होते है, किस प्रकार किसी अन्य पदार्थ का निर्माण करते है तथा कैसे उर्जा के साथ संपर्क करते है आदि के बारे में अध्ययन किया जाता है।

रसायन को अंग्रेजी में केमिस्ट्री कहा जाता है तथा इस शब्द की उत्पति मिश्र के पुराने नाम कीमिया से हुआ है। लेवासिए को रसायन विज्ञान का जनक माना जाता है। दुनिया में जिनती भी चीज़ें हैं सब किसी न किसी पदार्थ से बनी हैं मानव शरीर भी पदार्थ से बना है। रासायन विज्ञान भौतिक विज्ञान का ही एक हिस्सा है जो मनुष्य को, दुनिया को विस्तार से जानने में सहयोग करता है।

इसके सहयोग से नयी-नयी दवाइयाँ बनायी जाती है तथा महामारी जैसी बीमारी से राहत प्रदान करने के लिए अनेक तरह की दवा बनाये जाते है। बिना रसायन ज्ञान के दवाइयाँ नहीं बनायी जा सकती है और न ही किसी रोग को समाप्त किया जा सकता है।

जीव विज्ञान:- जीव विज्ञान के अंतर्गत छोटे से लेकर बड़े सभी प्रकार के जीवों के बारे में अध्ययन किया जाता है, इसमें जीवों की उत्पत्ति, उनके विकास, संरचना तथा होने वाले निरंतर विकास के बारे में अध्ययन किया जाता है।

प्रत्येक वर्ष 10,000 से भी अधिक जीवों की नयी प्रजातियों के बारे में वैज्ञानिकों को पता चलता है। पृथ्वी पर इतने अधिक जीव हैं जिनके बारे में मानव को न तो पता है और न ही उन्होंने देखा है। कोशिका, सिद्धांत, विकास और समस्थिति चार मूल सिद्धांत आधुनिक जीव विज्ञान के कार्य करते है।

वैज्ञानिकों की दृष्टि में यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें हर रोज नयी-नयी जानकारियाँ मिलती रहती है तथा मिलती रहेगी। इस विषय को पूरी दुनिया में पढ़ाया जाता है तथा इस पर हर साल लाखों पत्रिकाएँ प्रकाशित भी की जाती है। इस विज्ञान में जंतु तथा पेड़-पौधों के बारे में अध्ययन किया जाता है।

यह भी पढ़ें – गणतंत्र दिवस पर निबंध

चिकित्सा के क्षेत्र में वंडर ऑफ साइंस

भारत में चिकित्सा की परंपरा बेहद पुरानी है इसे वेदों के समान माना गया है और विशेष स्थान प्रदान किया गया है। इस क्षेत्र में विज्ञान की नयी-नयी खोजों के कारण मानव प्रत्येक दिन अधिक से अधिक मुसीबतों से छुटकारा पा रहे हैं।

लगभग 18 या 19 साल पहले मलेरिया जहाँ एक जानलेवा बीमारी हुआ करती थी लेकिन आज-कल विज्ञान की प्रगति के कारण इसका इलाज पहले से अत्यधिक सरल हो गया है और अब यह एक आम बीमारी बन कर रह गयी है। एड्स जैसी गंभीर तथा लाइलाज बीमारी पर भी वैज्ञानिकों ने पकड़ बनाने तथा इसे जड़ से समाप्त करने का दावा किया है।

एक्स-किरण, एंजियोग्राफी, सी.टी., एम.आर.आई., सोनोग्राफी, टेलीचिकित्सा आदि चिकित्सा तकनीक के सहयोग से बीमारियों के इलाज़ में चिकित्सकों को अधिक सहायता मिली है और इससे रोगियों को भी अधिक राहत मिली है। आज के समय में हाइपरथर्मिया तकनीक का प्रयोग कैंसरग्रस्त तंतुओं को खोजने तथा उसे नष्ट करने के लिए किया जाता है। चिकित्सा के क्षेत्र में हृदय-फेफड़ा यंत्र एक ऐसा यंत्र है जिसकी मदद से रक्त हृदय से गुज़रे बिना ही शरीर में चलने की क्रिया करता रहता है।

महाधमनी बैलून पंप का प्रयोग हृदय रोगियों के लिए किया जाता है अर्थात् हृदय वाहिनियों को साफ करने के लिए तब तक किया जाता है जब तक रोगी का हृदय अपना कार्य सही से न करने लगे। हार्मोन उपचार का प्रयोग प्रतिरक्षक तंत्र की आत्मघाती सक्रियता अर्थात् ऑटो इम्यून रोग पर रोकथाम करने के लिए किया जाता है साथ ही जीन उपचारण का प्रयोग केवल ऐसे रोगों के उपचार के लिए किया जाता है जहाँ रोगमूलक जीन की सटीक पहचान की जा चुकी हो एवं क्लोनिंग की जा चुकी हो।

वर्ष 2020 में कोरोना जैसी महामारी के लिए भी वैज्ञानिक चिकित्सा शास्त्रियों के साथ मिलकर इसे कम करने तथा पूर्ण रूप से समाप्त करने के लिए दवाइयाँ बनाने में लगे हुए है और इसे कम करने के लिए अनेक तरह की दवाइयाँ भी प्रस्तुत कर चुके है।

यह भी पढ़ें – वर्षा ऋतु पर निबंध

यातायात के क्षेत्र में विज्ञान

पहले के समय में एक जगह से दूसरे जगह जाने में कई दिन लग जाते थे और उस समय यातायात के अधिक साधन भी उपलब्ध नहीं थे, अधिकतर लोग पैदल यात्रा करते थे लेकिन आधुनिक युग में विज्ञान ने यातायात के क्षेत्र में सुविधाओं को और अधिक बढ़ा दिया है तथा ऐसे-ऐसे साधनों का आविष्कार किया है जिसकी सहायता से कुछ ही मिनटों में कही भी पहुँचा जा सकता है।

विज्ञान ने इस क्षेत्र में दिन दूना और रात चौगुना तरक्की किया है। साइकिल, मोटर साइकिल, कार, ट्रेन, आदि साधनों का प्रयोग यात्रा के लिए मनुष्य अपनी आमदनी के अनुसार करते है तथा अपनी यात्रा को आसान बनाते है।

हवाई जहाज की सहायता से अधिक से अधिक दूरी कम समय में भी तय कर सकते है, हवाई जहाज की यात्रा करके मानव विश्व के किसी भी कोने में जा सकते है तथा आ सकते है जो कि पहले एक स्वप्न-सा प्रतीत होता था, अब आम आदमी भी हवाई यात्रा का किराया वहन कर पाते है एवं यात्रा का आंनंद उठा पाते है।

मध्यम वर्ग और उच्च वर्ग के परिवारों में कार नये-नये रूपों में पहुँच चुके है जो इस क्षेत्र में विज्ञान की प्रगति को दर्शाते है। मेट्रो ट्रेन ने शहरों को और अधिक ख्याति प्रदान की है और इस भाग-दौड़ की ज़िंदगी में लोगों के समय को बचाया है एवं यात्रा को सुगम बनाया है। बुलेट ट्रेन विश्व में बहुत अधिक प्रचलित हो चुकी है, यह चीन, फ्रांस, जापान आदि दूसरे यूरोपीय देशों में लगभग 300 किलोमीटर/घंटा के भी अधिक रफ़्तार से चलती है। भारत देश में भी बुलेट ट्रेन की योजनाएँ साकार होते हुए नज़र आ रही है लेकिन ऐसी यात्राएँ करना महँगी प्रतीत होती है।

जेट जहाज के निर्माण ने आवागमन को और आसान बना दिया है इसकी मदद से मनुष्य दुनिया के किसी भी भाग में कुछ ही घंटों में जा सकते है। अब भारत से अमेरिका जाने में लगभग 14 से 15 घंटों का समय लग जाता है लेकिन इससे पहले यह समय अंतराल बहुत अधिक हुआ करता था। वर्तमान समय में लोगों के जीवन में समय का सबसे अधिक महत्त्व है इसको ध्यान में रखते हुए यातायात के क्षेत्र में विज्ञान ने अहम भूमिका निभायी है और लोगों के अमूल्य समय को बचाया है। अब भी इस क्षेत्र में विज्ञान तथा वैज्ञानिक सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

यह भी पढ़ें – दहेज प्रथा पर निबंध

वंडर ऑफ साइंस संचार के क्षेत्र में

संचार के क्षेत्र में विज्ञान के चमत्कार अर्थात वंडर ऑफ साइंस अद्भुत हैं। वैज्ञानिकों द्वारा कंप्यूटर और नेट के आविष्कार ने संचार के क्षेत्र में क्रांति ला दी जिसके कारण अब एक बटन को दबाते ही ऑनलाइन समाचार-पत्र पढ़ा जा सकता है। साथ ही ऑनलाई समाचार सुना, पढ़ा तथा देखा भी जा सकता है।
लोग मोबाइल फोन में खबरों का संसार लेकर घूमते है जिसे आते-जाते किसी भी समय कही भी कभी भी सुन,देख व पढ़ सकते है। वर्तमान समय में मनुष्य अपने परिवार, संबंधियों से कितना भी दूर क्यों न रह रहे हो लेकिन फेसबुक, ट्वीटर तथा वाट्सएप के माध्यम से लगभग 24 घंटे जुड़े रहते हैं।

रेडियो, टेलीविजन, टेपरिकोर्डर, सिनेमा, सी.डी., डी.वी.डी. के प्रयोग तथा कंप्यूटर के माध्य से वर्तमान समय में नयी-नयी सी.डी. तैयार करना, नये-नये माध्यमों का प्रयोग करके संगीत सुनना, रंगीन फ़िल्म का निर्माण कटना, धारावाहिक का प्रचार प्रसार करना, फ़िल्म तथा कार्टून को बड़े-बड़े पर्दों पर देखना साथ ही कंप्यूटर में खेल खेलना आदि सब विज्ञान के ज्ञान तथा आविष्कार के कारण ही संभव हो पाया है।

विज्ञान ने संचार को पहले से और भी अधिक आसान बना दिया है, अनेक ऐसे अविष्कार हुए है जिसकी सहायता से मनुष्य अब कही भी से किसी भी देश स्थान के लोगों से एक-दूसरे को देखकर बात कर सकता है एवं हाव-भाव को आसानी से समझ सकता है। विज्ञान और मानव निर्मित तकनीक की सहायता से मनुष्य से संचार के क्षेत्र में बहुत बड़ी जीत प्राप्त की है क्योंकि अंतरिक्ष में अनेक उपग्रह भ्रमण करते है, जिनसे हर प्रकार की सूचना मिलती रहती है इसलिए वर्तमान में मौसम की जानकारी पहले से जान पाना संभव है और यह सब विज्ञान में हुए एक प्रमाणिक-चमत्कार की तरह लगता है।

विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं जैसे- सुनामी, भूकंप, तेज़ बारिश-तूफान आदि की जानकारी वैज्ञानिक उपग्रह की मदद से पहले ही पता लगा लेते है। अंतरिक्ष में भारत देश ने लगभग 108 उपग्रह छोड़े है। अब मनुष्य कही में छोटे से मोबाइलफोन की मदद से भी बात कर सकते है।

विज्ञान और दैनिक जीवन में उसकी उपयोगिता

अल्बर्ट आइंस्टीन को आधुनिक विज्ञान का जनक माना जाता है। लेकिन यह आदिकाल से ही मानव द्वारा प्रकृति की सभी घटनाओं, रहस्यों एवं सिद्धांतों को जानने समझने तथा उसे सत्यापित करने की चेष्टा और अध्ययन से जुड़ा हुआ है अर्थात् प्रकृति के अंवेषण एवं उससे प्राप्त सुव्यवस्थित ज्ञान को विज्ञान कहते है।

दैनिक जीवन में प्रत्येक दिन विज्ञान का बहुत अधिक महत्त्वपूर्ण योगदान है। वंडर ऑफ साइंस ने रोज़मर्रा के जीवन को बदलकर रख दिया है। अधिक तथा अच्छी फसल उगाने के लिए किसान रासायनिक क्रियाओं तथा उर्वरकों का प्रयोग करते है, उद्योगों द्वारा उत्पादन/वस्तुओं (साबुन, रंग, कपड़ा, कागज़, औषधि, सीमेंट पेट्रोलियम आदि) के निर्माण में विज्ञान अधिक सहयोगी साबित हुआ है।

आधुनिक संचार माध्यमों के द्वारा कम समय में अधिक से अधिक सूचना आवश्यकता अनुसार प्राप्त की जा सकती है, विश्व की बढ़ती आबादी के लिए खाद्दान की आपूर्ति तथा इसे जगह-जगह उपलब्ध कराने में विज्ञान ने अहम भूमिका निभायी है इसके साथ ही आज मानव ने विज्ञान के कारण ही अंतरिक्ष, चंद्रमा तथा अन्य ग्रहों पर पहुँचने और भ्रमण करने में सफलता प्राप्त की है बिना विज्ञान के इन सब बदलाओं तथा नव निर्माण की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी।

वर्तमान समय में भी दैनिक जीवन में नये-नये बदलाव को प्रस्तुत करने के लिए भौतिक शास्त्री, रसायन शास्त्री, जैव वैज्ञानिक आदि सभी अंतरिक्ष में जाकर भिन्न-भिन्न अनुसंधानों में जुटे हुए हैं। मनुष्य के जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में विज्ञान के ज्ञान का उपयोग हो रहा है, विज्ञान के नित नये-नये खोजों के कारण ही विश्व को ‘वैश्विक गाँव’ की संज्ञा दी जाती है। विज्ञान का मनुष्य के दैनिक जीवन तथा अर्थव्यवस्था में महत्त्वपूर्ण योगदान के साथ-साथ इसकी उपयोगिता भी अधिक रही है और भविष्य में भी रहेगी।

विज्ञान के अद्भुत आविष्कार

वंडर ऑफ साइंस का निबंध विज्ञान के अद्भुत आविष्कारों पर चर्चा किए बिना पूर्ण नहीं हो सकता है। पिछले कुछ वर्षों के अंतराल में विज्ञान ने मानव के संपूर्ण अस्तित्व में बदलाव ला दिया है। प्रत्येक आने वाला दशक एक नयी क्रांति के साथ लोगों के समक्ष आती है, वर्तमान समय की तकनीक भविष्य में पुरानी हो जाती है। वैज्ञानिकों द्वारा किये गये आविष्कार प्रगति के पथ पर पंख लगाकर दौड़ लगा रहे है तथा विज्ञान ने हर क्षेत्र में प्रमाण के साथ उथल-पुथल मचा दी है।

विज्ञान ने प्लास्टिक निर्मित अनेक उपकरण निर्मित किये है जिसने लोगों का जीवन आसान बना दिया है। दवाइयाँ, यातायात के सभी साधन, संचार के माध्यम, साफ-सफ़ाई के लिए प्रयोग में लायी जाने वाली मशिनें आदि सभी विज्ञान के विशेष ज्ञान के सहयोग से ही बनाये जाते है।

रसोई में प्रयोग होने वाले माइक्रोवेव, गैस, स्टोव, इन्डेक्सन चूल्हा आदि आविष्कार ने मनुष्य को घरेलू कार्यों में राहत प्रदान की है जिसके कारण मानव के लिए कम से कम समय में भोजन बनाना आसान हो गया। किसी भी मौसम में घर के जलवायु को अपने अनुकूल आरामदायक बनाने के लिए हीटर, कूलर, ए.सी. आदि का निर्माण किया गया है, ये ऐसे अद्भुत छोटे-बड़े मशीन ही हैं जिनके बिना मनुष्य सुचारू रूप से अपने कार्य को करने में सक्षम नहीं होते।

अतः प्रत्येक मनुष्य के जीवन का अहम हिस्सा बन चुके है, विज्ञान ने मनुष्य को बहुत ही अद्भुत वस्तुएँ प्रदान की हैं और मनुष्य को इन वस्तुओं की आदत भी लग चुकी है इन सब के बिना तो मानो सब कार्य रूक-सा जाता है। नये-नये प्रमाणिक आविष्कारों के कारण ही मनुष्य का देखने का नज़रिया बदला है अब लोग अंधविश्वास से दूर रहना पसंद करते है और प्रमाण को ही सत्य मानते है।

संचार के माध्यमों में हुए कंप्यूटर, लेपटॉप आदि आविष्कार ने दफ्तरों के काम में राहत प्रदान की है और लोगों को घर बैठे-बैठे काम करने का एक बेहरत अवसर प्रदान किया है जिस वजह से कर्मचारियों को अनेक प्रकार के लाभ होते हैं; जैसे- परिवार के साथ मेल-मिलाप बना रहता है, प्रत्येक दिन का किराया बचता है आदि।

यद्यपि एक असहजता होती है वह यह कि दफ्तर जैसा वातावरण प्राप्त नहीं होता जो कि कर्मचारियों के कार्य को प्रभावित करता है। वर्तमान में जल को स्वास्थ्य के अनुक बनाने वाली मशीन फिल्टर और मिनरल भी विज्ञान के अद्भुत आविष्कार ही है और जो व्यक्ति को स्वच्छ जल प्रदान करते है

आधुनिक जीवन और विज्ञान के चमत्कार

आधुनिक जीवन में वंडर ऑफ साइंस के कारण निर्मित नई-नई तकनीकों की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। विज्ञान के बढ़ते विकास के करण हाल ही में मंगलयान का सफलता पूर्वक मंगल ग्रह पर पहुँच पाना वर्तमान समय में के प्रगति का ही उदाहरण है।

आधुनिक युग विज्ञान का युग है। मानव जितनी भी सुख-सुविधाएँ अपना रहा है वे सब विज्ञान की ही देन है, इसके सहयोग से दुनिया का विकास एवं मनुष्य को समृद्ध किया जा सकता है इसलिए इसके कुछ आविष्कारों को सही हाथों में होना चाहिए जैसे कि परमाणु बम, मिसाइल और ऐसे ही अन्य आविष्कार भी। विज्ञान मानव के जीवन में एक पेन से एक पेंटिंग मशीन तक, एक कागज़ हवाई जहाज से एक अंतरिक्षयान तक का हिस्सा है।

इसने प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को नवाचारों के साथ आरामदायक और सरल बनाया है। इस युग में अनेक ऐसे चमत्कार हुए जिसने मानव के जीवन को पूरी तरह बदल दिया और इनकी मदद से अधिक से अधिक काम बड़ी आसानी तथा तेज़ी से होने लगे है, उनमें ए.सी., बिजली, वाशिंग मशीन, रेफ्रीजरेटर, एल.ई.डी., कार, विमान, मेट्रो ट्रेन आदि शामिल है; यह सब विज्ञान के अद्भुत चमत्कार ही है।

पहले बीमारियों का पता जल्दी नहीं चल पाता था लेकिन चिकित्सा के क्षेत्र ने नये-नये तकनिकों के प्रयोग से यह मुश्किल पहले से अधिक कम हुई है। सन् 1444 में जॉन गुटरबर्ग ने मुद्रण यंत्र का आविष्कार किया लेकिन आधुनिक युग में इसके विकसित रूप ने पुस्तकों के प्रकाशन को पहले से अधिक आसान बना दिया है। वर्ष 1973 में अमेरिकी वैज्ञानिक ने 2 किलो का मोबाईल फोन बनाया और अब इसका विकसित रूप दूर संचार का सबसे बेहतर माध्यम बन चुका है।

बल्ब तथा बिजली के आविष्कार ने मानो मानव के जीवन में प्रकाश ही प्रकाश फैला दिया और रात के अंधकार में चारों ओर रोशनी नज़र आने लगी। सन् 1969 में टीम बर्नर्स ली द्वारा इंटरनेट के आविष्कार ने मानव जीवन को एक ऐसा तोहफ़ा प्रदान किया जिसने संचार को अधिक गतिमान बना दिया और संपूर्ण समाज, राज्य, देश को विश्व स्तर पर जोड़ दिया तथा मनुष्य को विश्व स्तर पर रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराया है।

विज्ञान का महत्त्व

विज्ञान का मानव के जीवन में प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व रहा है, इसने सर्वप्रथम प्रमाणिकता को प्रस्तुत करते हुए अंधविश्वास को कम किया है। आधुनिक युग की एक महत्त्वपूर्ण बात यह है कि लोग अब भाग्य पर अधिक विश्वास नहीं करते है। नये-नये मशिनों के आविष्कार ने मनुष्य के जीवन में नये-नये कार्यों को स्थान दिया और रोजगार के नये अवसर प्रदान किये है।

विज्ञान की तकनिकों ने मानव को आराम ही आराम दिया है पहले जो काम कई दिनों में होते थे अब वे सब घंटों में हो जाते हैं। परमाणु बम ने देश को सुरक्षा प्रदान की है और सैन्य क्षेत्र में ऐसे हथियार बनाये गये है जो अधिक मजबूत होते है एवं सुरक्षा प्रदान करते है। कंप्यूटर, लेपटॉप के आविष्कार ने उद्योगों के नवनिर्माण में अहम भूमिका निभायी है तथा व्यापर को आसान बनाया है साथ ही उत्पादन में वृद्धि हुयी है।

अब बाज़ार सभी के मोबाईल फ़ोन में उपलब्ध रहते है मनुष्य को ख़रीदारी करने के लिए कही भी जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती सामान घर पर ही आ जाता और कीमत देने के बाद या किश्त पर बड़ी से बड़ी वस्तुएँ प्राप्त कर सकते है। घरेलू कार्य से लेकर दफ़्तर के कार्य तक में विज्ञान की तकनीक मुख्य भूमिका निभा रही है, इसने संसार को गाँव के रूप में प्रस्तुत किया है और लोगों को एक-दूसरे से जुड़ने के लिए तकनीकी सुविधा प्रदान की है।

मंगल ग्रह और चंद्रमा पर मानव की पहुँच विज्ञान के ज्ञान की सबसे अधिक भूमिका रही है अन्यथा यहाँ तक पहुँच पाना कोई आसान कार्य नहीं था। शल्य चिकित्सा, इंजेक्शन के आविष्कार की वजह से ही आज गंभीर से गंभीर बीमारी का उपचार करना चिकित्सकों के लिए आसान हो पाया है। मनोरंजन के क्षेत्र में संवाद करने तथा संगीत सुनने के लिए बेहतर तकनीक को उपलब्ध कराने में विज्ञानं के ज्ञान तथा वैज्ञानिकों की ही अहम भूमिका है। इस तरह विज्ञान मनुष्य के जीवन का एक हिस्सा बन गया है जिसके बिना एक भी दिन नहीं बीत सकता है।

विज्ञान की कुछ हानियाँ

विज्ञान के दुरुपयोग की समस्या को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है। वंडर ऑफ साइंस एस्से इस चर्चा के बिना अधूरा है। हर सिक्के के दो पहलू होते है इसी तरह अगर विज्ञान के आविष्कार ने मनुष्य के जीवन में चमत्कार तथा तकिन उत्पन्न किए और उनके जीवन को आसान बनाया है तो दूसरी तरफ परमाणु उर्जा बनाने वाले ऐसे विनाशाकरी शक्तियों को जन्म दिया है जिसके कारण पलक झपकते ही दुनिया समाप्त भी हो सकती है।

इसने लोगों में अत्यधिक प्रतिस्पर्धा को जन्म दिया है जिसके कारण लोग धीरे-धीरे मानसिक अवसाद की ओर जा रहे है। एक ओर यह मनुष्य के लिए वरदान है तो दूसरी ओर इसका एक गलत प्रयोग पूरे मानव जगत के लिए अभिशाप है, नाभिकीय यंत्रों आदि के आविष्कार ने मनुष्य जाति को विनाश के कगार पर खड़ा कर दिया है।

अगर विज्ञान के लाभ और हानि की बात करे तो पायेंगे कि इसका सदुपयोग और दुरुपयोग मानव के हाथ में है और यह उन पर ही निर्भर करता है कि वह विज्ञान के ज्ञान का प्रयोग किस उद्देश्य से करते है उदाहरण के लिए अगर नाभिकीय उर्जा का सही दिशा में प्रयोग किया जाए तो वद्युत उत्पादन किया जा सकता है।

दूसरी ओर द्वितीय विश्व युद्ध के समय जापान के हिरोशिमा एवं नागासाकी पर परमाणु बम का जानलेवा, विनाश-लीला उर्जा के गलत प्रयोग का आँखों देखा उदाहरण है। उद्योगों में प्रयोग आने वाली तकनिकों ने लोगों के रोज़गार को छीन लिया है अब एक मशीन 10 लोगों का काम करने में सक्षम होती जा रही है व्यापारी अपने लाभ के लिए मशिनों पर निर्भर होते जा रहे है जिसके कारण विश्वास का स्तर गिरते जा रहा है।

नित नये-नये आविष्कारों के कारण मानव तथा पर्यावरण असंतुलन जैसे दुष्चक्र में फस चुका है। मनुष्य की अधिक सुख-सुविधा की चाह ने उसे आलसी बना दिया है जिसके कारण उसकी शारीरिक शक्ति का ह्रास हो रहा है और नये-नये रोगों से ग्रस्त हो रहे है साथ ही मौसम परिवर्तन की सहन शक्ति भी मानव में कम हो रही है। मनुष्य चारों ओर से कृत्रिम मशिनों से घिरा हुआ यह आडंबर युक्त जीवन विज्ञान की ही देन है। उद्योगों में होने वाले प्रगति तथा परिवर्तन ने पर्यावरण-प्रदूषण की विकट समस्या विश्व के समक्ष खड़ी कर दी है।

वंडर ऑफ साइंस – निष्कर्ष

वर्तमान समय में विज्ञान प्रत्येक दिन नव-निर्माण को मनुष्य के समक्ष एक चमत्कार के समान प्रस्तुत कर रहा है, ये उत्पादन मानव जीवन को ओर भी सरल बना रहे है। विज्ञान मनुष्य के लिए वरदान भी है और अभिशाप भी लेकिन इसकी निर्भता मानव पर ही है।

जितने भी आविष्कार हुए हैं अगर उनका सही प्रयोग मानव करते है तो उसके बहुत से लाभ है और अगर उन्ही साधनों का अनुचित प्रयोग करते है तो उसके परिणाम विनाशाकरी सिद्ध होते है। सरकार को विनाशकारी साधनों पर रोक लगाना चाहिए और मानव को इसके महत्त्व को समझना चाहिए।

विज्ञान ने जीवन को आसान बनाया है और मानव जगत को एक उपहार के रूप में प्राप्त हुआ है। यही विज्ञान का चमत्कार (वंडर ऑफ साइंस) है। वर्तमान समय में विज्ञान मनुष्य की मूलभूत आवश्यकता बन चुकी है। प्रत्येक मनुष्य को विज्ञान के महत्त्व तथा इसके चमत्कार को समझना चाहिए और ऐसे आविष्कार की ओर ध्यान देना चाहिए जो आम जनता और साथ ही प्रकृति के हित में कार्य करे।

हमें आशा है कि आपको वंडर ऑफ साइंस का निबंध अच्छा लगा होगा। साथ ही यह आपके लिए उपयोगी भी सिद्ध होगा। यदि आपको लगता है कि इसमें विज्ञान के चमत्कारों से जुड़ा कोई पहलू छूट गया है, तो कृपया हमें टिप्पणी करके अवश्य अवगत कराएँ।

सन्दीप शाह

सन्दीप शाह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं। वे तकनीक के माध्यम से हिंदी के प्रचार-प्रसार को लेकर कार्यरत हैं। बचपन से ही जिज्ञासु प्रकृति के रहे सन्दीप तकनीक के नए आयामों को समझने और उनके व्यावहारिक उपयोग को लेकर सदैव उत्सुक रहते हैं। हिंदीपथ के साथ जुड़कर वे तकनीक के माध्यम से हिंदी की उत्तम सामग्री को लोगों तक पहुँचाने के काम में लगे हुए हैं। संदीप का मानना है कि नए माध्यम ही हमें अपनी विरासत के प्रसार में सहायता पहुँचा सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: यह सामग्री सुरक्षित है !!