मूंगफली खाने के फायदे – Mungfali Khane Ke Fayde

मूंगफली खाने के फायदे बहुत-से हैं। जानें इस लेख के माध्यम से कि क्या हैं ये लाभ और कैसे इसका नियमित सेवन बचा सकता है आपको अनेक बीमारियों से।

ठंड के मौसम में गर्मागर्म भुनी हुई मूंगफली खाने का आनंद ही कुछ और है। मूंगफली को ग़रीबों का बादाम कहा जाता है। मूल्य में ये बादाम से सस्ती होती है परंतु इसके गुण बादाम से किसी भी प्रकार कम नहीं है।

मूंगफली को कच्चा या भून कर दोनों तरह से प्रयोग किया जाता है। हमारे देश में मूंगफली का उत्पादन पर्याप्त मात्रा में होता है इसलिए इसकी खपत भी अधिक है जैसे मूंगफली का तेल और मूंगफली दाना दोनों ही प्रयोग में लाये जाते है।

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देश के कई प्रांतो खासकर महाराष्ट्र व गुजरात में भोजन को सुस्वादु और पौष्टिक बनाने हेतु मूंगफली प्रयोग में लाई जाती है। मूंगफली के व्यंजन, नमकीन और इसकी चटनी भी खाने में बेहद स्वादिष्ट लगती है। मूंगफली में पोषक तत्व भरपूर मिलते है और यही कारण है कि वजन घटाने के लिए सामान्य मक्खन की जगह पीनट बटर एक अच्छा विकल्प है। इसे खाने से और भी कई तरह के स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं जिनका वर्णन हम आगे इस लेख में करेंगे।

मूंगफली में बायोटिन, कॉपर, मैग्नीशियम, मैग्नीज़, थियामाइन जैसे 30 से भी अधिक विटामिन व मिनरल्स होते हैं। इसमें विटामिन-ई भी भरपूर होता है जो हमारी त्वचा और बालो के लिए एक अच्छा पोषण है।

इसके अतिरिक्त मूंगफली खाने के फायदे और भी हैं जिनकी चर्चा हम आगे करेंगे। तो आइए, जानते है कि मूंहफली के सेवन के और क्या-क्या लाभ हैं।

1. मूंगफली का सेवन तनाव करे दूर

आज की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में तनाव हम सब के लिए एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। अत्यधिक तनाव मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों के लिए बेहद हानिकारक है। हमारे मन-मस्तिष्क पर तनाव नकारात्मक प्रभाव डालता है इसलिए तनाव रहित जीवन के लिए हमे ऐसे भोजन का सेवन करना चाहिए जिसमें एंटी-डिप्रेशन गुण हो और इसमें प्रमुख रूप से मूंगफली एक है।

हमारे शरीर को जिन मिनरल्स और विटामिन्स की जरूरत होती है, उनमे जिंक प्रमुख है और इसकी कमी दिमाग पर नकारात्मक प्रभाव डालती है जिससे डिप्रेशन यानी अवसाद, चिढ़चिढ़ापन और कमज़ोर याद्दाश्त आदि समस्याएँ होती हैं। मूंगफली में जिंक बहुतायत में होने से इसका नियमित सेवन हमारे मस्तिष्क की कोशिकाओं को स्वस्थ रखता है और तनाव आदि समस्याओं को दूर करता है। इसमें मौजूद मैग्नीशियम तनाव दूर करने में प्रमुख भूमिका निभाता है।

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2. बुज़ुर्गों और बच्चों के दिमागी विकास के लिए

मूंगफली का नियमित सेवन बच्चों के दिमाग़ी विकास में सहायक है क्योंकि इसमें मैग्नीशियम अधिक मात्रा में मिलता है। मूंगफली बादाम की तरह ही पौष्टिक तत्वों से भरपूर है इसलिए इसे दूध के साथ देने से बच्चों का शरीर पुष्ट होता है। आइए, जानते हैं बड़ों व बच्चों के लिए मूंगफली खाने के फायदे–

  • मूंगफली के दाने दूध के साथ सुबह-शाम बच्चों को खिलाने से स्मरण-शक्ति मजबूत होती है।
  • अधिक उम्र के व्यक्तियों को अल्जाइमर जैसे रोगों से बचने के लिए मूंगफली का सेवन प्रतिदिन करना चाहिए है।
  • मूंगफली में मिलने वाला ओमैगा-फैट दिमाग को सक्रिय रखने में मदद करता है इसलिए हर उम्र के लोगों को अपने भोजन में किसी ना किसी रूप में मूंगफली का सेवन अवश्य करना चाहिए।

3. वज़न करने में सहायक मूंगफली

आमतौर पर मूंगफली के बारे में माना जाता है कि इसे खाने से मोटापा बढ़ता है। परंतु ये भी सच है कि मूंगफली खाने से वज़न कम किया जा सकता है। वसायुक्त और कैलोरी से भरपूर मूंगफली वज़न बढ़ाने और घटाने दोनों में लाभदायक है। शक्तिवर्धक होने के कारण ये हमारे मेटाबोलिज्म को बढ़ाती है जिससे शरीर में अतिरिक्त वसा का नाश होता है। असमय भूख लगने पर इसे भोजन के विकल्प के तौर पर स्नैकिंग के लिए खा सकते हैं। जानते हैं वजन घटाने में मूंगफली के फायदे–

  • मोटापा कम करने के लिए मूंगफली एक अच्छा वैकल्पिक चबैना है।
  • तले-भुने पदार्थो के स्थान पर सलाद के साथ मूंगफली खाए।
  • मूंगफली दाना रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट खाने से दिन-भर ऊर्जा बनी रहेगी।

4. शरीर को पुष्ट करने में मूंगफली का सेवन

जैसा कि हमने पहले बताया कि मूंगफली में वसा अधिक मात्रा में होता है, इसलिए इसे खाने से शरीर ह्रष्ट-पुष्ट बनता है।

  • शारीरिक रूप से कमजोर लोगो को मूंगफली और गुड़ के साथ दूध पीना चाहिए।
  • दुबले-पतले बच्चों को नमक मिली भुनी मूंगफली देने से उनका शरीर भरता है।

5. गर्भावस्था में मूंगफली खाने के फायदे

बियोटीन एक तरह का डाएटरी विटामिन बी है जिसका एक प्रमुख स्रोत मूंगफली है। इसमें फोलिक एसिड यानी विटामिन बी9 भी पाया जाता है। गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दिनों में मूंगफली का नियमित सेवन उनके शिशु के मानसिक और शारीरिक विकास में सहायक होता है। माना जाता है कि मूंगफली के साथ किशमिश दाना मिलाकर खाने से होने वाला बच्चा सुंदर व स्वस्थ होगा।

6. मूंगफली का सेवन ह्रदय रखे स्वस्थ

मूंगफली में हार्ट-हेल्दी न्यूट्रीशियंस यानी कॉपर, नियासिन, ओलेइक एसिड के अलावा अन्य कई तरह के एंटीओक्सिडेंट होते है जो ह्रदय को स्वस्थ रखने में मदद करते है व धमनियों में रक्त का थक्का नहीं जमने देते अतः मूंगफली का सेवन हर तरह के ह्रदय रोगों में लाभदायक है।

7. ब्लड प्रेशर और कोलस्ट्रोल को रखे नियन्त्रण में

कोलेस्ट्रोल और ब्लड प्रेशर के रोगी यदि मूंगफली का सेवन थोड़ी-बहुत मात्रा में नियमित करें तो उन्हें काफी लाभ होगा। मूंगफली में आर्जीनाइन नाम का एमिनो एसिड होता है जो उच्च रक्तचाप को संतुलित करने में मददगार है और इसके फ्लेवनओइड्स आर्टरीज़ में पेलेलेट्स जमने नहीं देते। यदि शरीर में कोलस्ट्रोल बढ़ जाए तो डॉक्टर गुड फैट्स व फाइबर युक्त भोजन खाने की सलाह देते हैं और मूंगफली गुड फैट्स का एक बहुत अच्छा स्रोत है।

8. गालस्टोन की बिमारी में

शरीर के डाइजेस्टिव फ्लुइड्स ठोस होकर जब गालब्लैडर में एकत्रित होने के कारण गालस्टोन नामक बिमारी होती है जिससे पेट के निचले हिस्से में भयंकर पीड़ा होती है। शरीर से गालस्टोंस को प्राकृतिक रूप से निकालने के लिए मूंगफली खाना फायदेमंद रहता है। इसमें मौजूद फाइबर शरीर में गालस्टोंस को जमने नहीं देते।

9. पुरुषों में यौन क्षमता बढ़ाती है

मूंगफली में पाए जाने वाले मिनरल्स यौन इच्छा-शक्ति को बढ़ाते हैं। इसके एमिनो एसिड एल-आर्जीनाइन पुरुषों की खोई शक्ति लौटाने में प्रभावशाली रूप से कारगर है। ये लिंग की रक्त कोशिकाओं को तनावमुक्त रखता है। इरेक्टाईल डिसफंक्शन की समस्या को दूर करने के लिए मूंगफली काफी फायदेमंद है और इसके जिंक तत्व शुक्राणुओं यानी स्पर्म काउंट को बढ़ाने और स्वस्थ शुक्राणुओं के उत्पति में सहायक सिद्ध होते हैं।

10. स्वस्थ घने बाल और दमकती त्वचा पाएँ

शरीर में आयरन, कॉपर व दुसरे अन्य मिनरल्स की कमी से बालों का गिरना, असमय सफेद होना जैसी समस्याएं  पैदा होती हैं और त्वचा भी रुखी-सूखी व बेजान लगने लगती है। ऑमेगा 3 व ऑमेगा 6, विटामिन ई और बियोटीन के गुणों से भरपूर मूंगफली के रोजाना सेवन से ना सिर्फ आपकी त्वचा में निखार आएगा बल्कि बाल झड़ने की समस्या से भी छुटकारा मिलेगा। घने, मुलायम बालों और दमकती त्वचा के लिए आप ये उपाय आजमा सकते हैं–

  • मूंगफली, सफेद तिल व कद्दू के बीज रोज़ सुबह नाश्ते के समय खाने से त्वचा का रूखापन दूर होगा और त्वचा में कसावट भी आएगी।
  • कुटी हुई मूंगफली को दही में मिलाकर खाने से कुछ ही दिनों में बालो का गिरना कम होगा।
  • अत्यंत रूखी त्वचा में जल्दी झुर्रियाँ पड़ने लगती है। नाश्ते में रोजाना पीनट बटर खाने से आपकी त्वचा का लचीलापन बना रहेगा।

11. पेट के कैंसर से बचाव

एक संतुलित भोजन में मूंगफली का होना आवश्यक है क्योंकि इसके एंटी-ओक्सिडेंट और पी-कौमेरिक एसिड पेट के कैंसर जैसे रोगों के बचाव में प्रभावशाली ढंग से कारगर हैं।

12. हड्डियाँ रखे मजबूत

फोस्फ़ोरोस व कैल्शियम दोनों ही हमारी हड्डियों के लिए बहुत आवश्यक हैं और मूंगफली में दोनों ही प्रचुर मात्रा में मिलते है। इसलिए मूंगफली के सेवन से जोड़ों के दर्द व आर्थराईटिस जैसे रोगों से बचा जा सकता है।

मांसपेशियों को सक्रिय रूप से चलाने के लिए मैग्नीशियम आवश्यक है। मूंगफली के सेवन से मांसपेशियाँ स्वस्थ और लचीली रहती है। खेल-कूद या व्यायाम के बाद मूंगफली खाना इस लिहाज़ से भी अच्छा माना जाता है कि मूंगफली में प्रोटीन, विटामिन्स व गुड फैट्स होते है। व्यायाम के बाद होने वाली थकावट दूर करने करने के लिए मूंगफली खाएँ। मूंगफली प्रोटीन का भी अच्छा स्रोत है इसलिए जो लोग शारीरिक कार्य अधिक करते हैं उनके लिए भी मूंगफली का सेवन लाभप्रद है।

मूंगफली खाने के नुकसान

हम आशा करते है कि मूंगफली खाने के फायदे जानकर आप भी अपने आहार में मूंगफली को जरूर सम्मिलित करेंगे और इससे लाभान्वित होंगे। इतने गुण होने के बावजूद कुछ परिस्तिथियों में मूंगफली का सेवन निषेध भी माना गया है, जैसे कि एलर्जी पैदा करने वाले भोजनों की सूची में मूंगफली भी प्रमुख रूप से आती है।

जिन लोगो को मूंगफली से एलर्जी है, उन्हें किसी भी सूरत में मूंगफली के सेवन से बचना चाहिए। साँस फूलना, त्वचा में खुजली व रैशेज होना, उलटी व पेट में मरोड़े उठना आदि मूंगफली से होने वाली एलर्जी की निशानी है।

इसके अतिरिक्त ओबेसिटी की समस्या से ग्रस्त व्यक्तियों को भी मूंगफली कम मात्रा में डॉक्टर के निर्देशानुसार ही खानी चाहिए।

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सन्दीप शाह

सन्दीप शाह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं। वे तकनीक के माध्यम से हिंदी के प्रचार-प्रसार को लेकर कार्यरत हैं। बचपन से ही जिज्ञासु प्रकृति के रहे सन्दीप तकनीक के नए आयामों को समझने और उनके व्यावहारिक उपयोग को लेकर सदैव उत्सुक रहते हैं। हिंदीपथ के साथ जुड़कर वे तकनीक के माध्यम से हिंदी की उत्तम सामग्री को लोगों तक पहुँचाने के काम में लगे हुए हैं। संदीप का मानना है कि नए माध्यम ही हमें अपनी विरासत के प्रसार में सहायता पहुँचा सकते हैं।

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