शिवरात्रि की आरती – Shivratri Ki Aarti

शिवरात्रि की आरती का गायन प्रायः शिवरात्रि के दिन पूजन आदि के उपरान्त करने का विधान है। शिवरात्रि का त्योहार भारत व नेपाल समेत दुनिया के अन्य हिस्सों में भक्तिभाव से मनाया जाता है। यह हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक है। भगवान शंकर तो भोलेनाथ हैं। वे थोड़ी-सी आराधना से ही अतिशीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं। शिवरात्रि भोले बाबा को अत्यन्त प्रिय है। इस दिन शिवरात्रि की आरती (Shivratri Ki Aarti) करने से वे बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं और अपने भक्तों को मनोवांछित फल प्रदान करने में ज़रा भी देरी नहीं करते हैं। पढ़ें शिवरात्रि की आरती–

आ गयी महाशिवरात्रि पधारो शंकर जी
हो पधारो शंकर जी आरती उतारे॥

पार उतारो शंकर जी हो उतरो शंकर जी।
तुम नयन नयन में हो, मन धाम तेरा॥

हे नीलकंठ है कंठ, कंठ मे नाम तेरा।
हो देवो के देव, जगत मे प्यारे शंकर जी॥

तुम राज महल हो, तुम्ही भिखारी के घर मे।
धरती पर तेरा चरण, मुकुट है अम्बर मे॥

संसार तुम्हारा एक हमारे शंकर जी।
तुम दुनिया बसाकर, तुम भस्म रमाने वाले हो॥

पापी के भी रखवाले, भोले भाले हो।
दुनिया मे भी दो दिन तो गुजारो शंकर जी॥

क्या भेंट चढ़ाएँ, तन मेला वर सुना।
ले लो आँसू के गंगाजल का है नमूना।
आ करके नयन मे चरण पखारो शंकर जी॥

विदेशों में बसे कुछ हिंदू स्वजनों के आग्रह पर शिवरात्रि की आरती (Shivratri Ki Aarti) को हम रोमन में भी प्रस्तुत कर रहे हैं। हमें आशा है कि वे इससे अवश्य लाभान्वित होंगे। पढ़ें शिवरात्रि की आरती रोमन में–

Read Shivratri Ki Aarti

ā gayī mahāśivarātri padhāro śaṃkara jī।
ho padhāro śaṃkara jī āratī utāre॥

pāra utāro śaṃkara jī ho utaro śaṃkara jī।
tuma nayana nayana meṃ ho, mana dhāma terā॥

he nīlakaṃṭha hai kaṃṭha, kaṃṭha me nāma terā।
ho devo ke deva, jagata me pyāre śaṃkara jī॥

tuma rāja mahala ho, tumhī bhikhārī ke ghara me।
dharatī para terā caraṇa, mukuṭa hai ambara me॥

saṃsāra tumhārā eka hamāre śaṃkara jī।
tuma duniyā basākara, tuma bhasma ramāne vāle ho॥

pāpī ke bhī rakhavāle, bhole bhāle ho।
duniyā me bhī do dina to gujāro śaṃkara jī॥

kyā bheṃṭa caढ़āe~, tana melā vara sunā।
le lo ā~sū ke gaṃgājala kā hai namūnā।
ā karake nayana me caraṇa pakhāro śaṃkara jī।

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सन्दीप शाह

सन्दीप शाह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं। वे तकनीक के माध्यम से हिंदी के प्रचार-प्रसार को लेकर कार्यरत हैं। बचपन से ही जिज्ञासु प्रकृति के रहे सन्दीप तकनीक के नए आयामों को समझने और उनके व्यावहारिक उपयोग को लेकर सदैव उत्सुक रहते हैं। हिंदीपथ के साथ जुड़कर वे तकनीक के माध्यम से हिंदी की उत्तम सामग्री को लोगों तक पहुँचाने के काम में लगे हुए हैं। संदीप का मानना है कि नए माध्यम ही हमें अपनी विरासत के प्रसार में सहायता पहुँचा सकते हैं।

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